यूनिफॉर्म के बदले खातों में राशि देने का फैसला विभाग ने पलटा, सीएम राइज स्कूलों में यूनिफॉर्म देने का टेंडर, कंपनियां करेंगी डिजाइन

कटनी, यशभारत। स्कूलों में बच्चों को स्व सहायता समूहों के जरिए यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने में लेट लतीफी और तमाम गड़बड़ियों को लेकर सरकार ने बच्चों को इसके बदले पैसे देने के निर्णय लिया है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे बदलने में लग गए हैं। शुरुआत सीएम राइज स्कूल से की जा रही है।
इस वर्ष सीएम राइज स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी कंपनियां ड्रेस सिलाकर उपलब्ध कराएंगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने टेंडर भी जारी कर दिया है। अगले वर्ष से यह व्यवस्था सभी स्कूलों में लागू की जा सकती है। कटनी जिले में कुल 6 सीएम राइज स्कूल संचालित हैं, जबकि 5 नए सीम राइज खुलने के बाद यह संख्या 11 हो जाएगी। जो स्कूल वर्तमान में संचालित हैं उनमें कटनी झिंझरी, बड़वारा, कारीतलाई, करेला, बहोरीबंद शामिल है। इसके अलावा उमरियापान, स्लीमनाबाद, बालक स्कूल बरही, बिलहरी और उत्कृष्ट विद्यालय विजयराघवगढ़ में नए सीएम राइज स्कूल प्रस्तावित हैं। प्रदेश लेबल पर आंकड़ा देखें तो करीब 390 करोड़ रुपए की लागत से 66 लाख विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाती रही है।
समूहों में होती थी गड़बड़ी
दरअसल पूर्व में स्व सहायता समूहों को यह काम दिया था, जो बीड़ी बनाने का काम करते थे। इसी तरह से कई ऐसे समूह थे, जिन्हें इसका काम नहीं आता था। ये समूह काम लेने के बाद निजी कंपनियों को सौंप देते थे। समूह जो यूनिफॉर्म सिलाई करते थे वह नाप की नहीं होती थीं, कहीं छोटी तो कहीं बड़ी और सिलाई भी ठीक से नहीं हो पाती थी। आधे से ज्यादा जगह शिक्षा सत्र बीतने के बाद यूनिफॉर्म दी जाती थी।
सरकार खरीदती थी कपड़ा
सूत्र बताते हैं कि सरकार द्वारा सिलाई के लिए महिला स्व सहायता समूहों को जिला स्तर पर कपड़ा उपलब्ध कराया जाता था। स्कूलों से जिला स्तर पर डिमांड के आधार पर ड्रेस सिलने के लिए समूहों को ऑर्डर दिया जाता था। उन्हीं स्व सहायता समूहों को ऑर्डर दिए जाते थे, जो मप्र राज्य आजीविका मिशन से संबद्ध होते हैं।
हर छात्र को दो जोड़ी यूनिफॉर्म, खर्च 600 रु.
तमाम गड़बड़ियों को लेकर शिवराज सिंह सरकार ने यूनिफॉर्म की जगह बच्चों को पैसे देने का निर्णय लिया था। अब स्कूलों में यूनिफार्म की राशि उपलब्ध कराने का काम राज्य शिक्षा केंद्र के जरिए किया जा रहा है। हर बच्चे को दो जोड़ी यूनिफॉर्म की राशि दी जा रही है। जिस पर प्रति छात्र 600 रुपए खर्च किए जाते हैं। ऐसे में इन बच्चों की यूनिफॉर्म पर हर वर्ष लगभग 390 करोड़ रु. खर्च किए जाते हैं। पिछले सत्र में जिन 29 जिलों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा तय समय पर यूनिफॉर्म प्रदान नहीं की गई थी उन जिलों में कटनी भी शामिल था। बताया जाता है कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफॉर्म के लिए राशि जारी कर दी गई थी। सूत्र बताते हैं कि सीएम राइज स्कूलों में ड्रेस सिलने और उपलब्ध कराने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। निविदा खुलने के बाद कंपनियों का निर्धारण होगा। यह व्यवस्था सिर्फ सीएम राइज स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए की गई है।







