मैहर। जब शिक्षा, संस्कार और अथक परिश्रम एक साथ मिलते हैं, तो सफलता केवल व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की उपलब्धि बन जाती है। मैहर के प्रतिभाशाली युवा आयुष अवधिया ने ऐसा ही कर दिखाया है। उनका चयन संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा 2025 (एसएससी सीजीएल) के माध्यम से भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन आयकर विभाग में कार्यालय अधीक्षक (ऑफिस सुपरिटेंडेंट) के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है।
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयुष अवधिया को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), वित्त मंत्रालय में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह उपलब्धि न केवल उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करती है, बल्कि संपूर्ण मैहर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है।
आयुष अवधिया, शाहनगर में तहसीलदार के रूप में सेवाएं दे रहे श्री हेमंत कुमार अवधिया के सुपुत्र हैं। वे एक ऐसे शिक्षित एवं संस्कारित परिवार से संबंध रखते हैं, जहाँ शिक्षा और अनुशासन जीवन का मूल आधार रहा है। उनके पितामह स्वर्गीय आर. डी. अवधिया भौतिक शास्त्र के व्याख्याता एवं इचौल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य रहे हैं, जिनके आदर्शों की स्पष्ट छाप आज भी परिवार में दिखाई देती है।
परिवार में शिक्षा की यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है आयुष के चाचा मनोज अवधिया एक समर्पित शिक्षक हैं, वहीं संजय अवधिया जन शिक्षक के रूप में समाज निर्माण में योगदान दे रहे हैं। ऐसे प्रेरणादायक वातावरण ने ही आयुष के व्यक्तित्व को निखारा और उन्हें इस उच्च मुकाम तक पहुँचाया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। सामाजिक, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों ने आयुष अवधिया को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सफलता परिवार के श्रेष्ठ संस्कारों, शिक्षकों के मार्गदर्शन और आयुष के कठिन परिश्रम का प्रतिफल है।
संस्कार, शिक्षा और संघर्ष की यह प्रेरक गाथा आज मैहर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गई है।