मध्य प्रदेशराज्य

महिलाओं ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की मिसाल : 21 महिलाएं बनीं उद्यमी, 300 किसानों को मिला बाजार… पढ़ें विशेष खबर

Table of Contents

 मंडलाl जिले के बिछिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कोको की महिलाओं ने मिलेट आधारित रोजगार का एक सफल और अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है। स्थानीय महिलाओं द्वारा गठित तेजस्विनी एकता महिला महासंघ के माध्यम से कोदोदृकुटकी से पौष्टिक कुकीज़ का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को स्थायी आजीविका मिली है और किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त हो रहा है। तेजस्विनी कार्यक्रम के तहत वर्ष 2008 में स्वयं सहायता समूहों के गठन के साथ इस पहल की शुरुआत हुई।

वर्ष 2018 में इन समूहों को संगठित कर तेजस्विनी एकता महिला महासंघ का गठन किया गया। महासंघ द्वारा क्षेत्र के कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रशिक्षण, शासकीय योजनाओं का लाभ एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। किसानों से फसलों की खरीदी बाजार दर से अधिक मूल्य पर की गई, जिसे महिलाएं प्रोसेस कर बाजार तक पहुंचा रही हैं। महिलायें बताती है कि प्रारंभ में प्रोसेसिंग के दौरान लगभग 65 प्रतिशत टूटन के कारण लाभ कम हो रहा था। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए उन्होंने टूटे दानों से पौष्टिक कुकीज़ बनाने की योजना तैयार की। तेजस्विनी कार्यक्रम के सहयोग से प्रशिक्षण, मशीनें एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई। शुरुआत में जहां उत्पादन मात्र 25 किलोग्राम था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 3 क्विंटल प्रतिमाह तक पहुंच गया है।

महासंघ द्वारा निर्मित कुकीज की मांग स्थानीय बाजार के साथ-साथ बस एवं कोरियर सेवाओं के माध्यम से अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। महिलायें बताती है कि प्रारंभ में प्रोसेसिंग के दौरान लगभग 65 प्रतिशत टूटन के कारण लाभ कम हो रहा था। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए उन्होंने टूटे दानों से पौष्टिक कुकीज़ बनाने की योजना तैयार की। तेजस्विनी कार्यक्रम के सहयोग से प्रशिक्षण, मशीनें एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई। शुरुआत में जहां उत्पादन मात्र 25 किलोग्राम था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 3 क्विंटल प्रतिमाह तक पहुंच गया है। महासंघ द्वारा निर्मित कुकीज की मांग स्थानीय बाजार के साथ-साथ बस एवं कोरियर सेवाओं के माध्यम से अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ रही है।जिले के मोहगांव जनपद स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग में भी इन कुकीज का नियमित वितरण किया जा रहा है। इस मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट से प्रत्यक्ष रूप से 21 महिलाएं रोजगार प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। साथ ही लगभग 300 स्थानीय किसानों को अपनी उपज के लिए स्थायी बाजार एवं बेहतर मूल्य मिलने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पंचायत कोको की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में मिलेट आधारित उद्यमिता का एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है, जो महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि दोनों को एक साथ आगे बढ़ा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button