मध्यप्रदेश में बहेगी समृद्धि की जलधारा: तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना पर
मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र सरकार के मध्य एमओयू

भोपाल: मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों के मध्य ‘तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना’ को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परियोजना दोनों राज्यों की संयुक्त भूजल पुनर्भरण की पहल है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में समृद्धि की जलधारा बहाना है।
यह एमओयू 10 मई, 2025 को अपराह्न 3:00 बजे भोपाल के मिंटो हॉल में हस्ताक्षरित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस थे, जबकि अध्यक्षता मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का भी उल्लेख किया गया, जो संभवतः परियोजना के प्रेरणास्रोत या समर्थक हैं।
इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 1 लाख से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप लाभान्वित होने वाले जिलों में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सिंचाई सुविधा के साथ-साथ यह परियोजना पेयजल और उद्योगों के लिए भी जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, जिससे भविष्य में जल की आवश्यकता की पूर्ति में सहायता मिलेगी।
तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना से मध्यप्रदेश के कुछ विशिष्ट जिले और तहसीलें सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी। इनमें खंडवा जिले की खालवा तहसील और बुरहानपुर जिले की नेपानगर, खकनार और बुरहानपुर तहसीलें शामिल हैं।
इस संयुक्त परियोजना को मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो तापी बेसिन क्षेत्र में जल संरक्षण और उपयोग को बढ़ावा देगा और स्थानीय समुदायों के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास के नए द्वार खोलेगा।







