भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी ने कटनी को किया निराश, जिले की टीम अब भी लटकी, इंतहा हो गई इंतजार की….दशहरे के बाद दीवाली भी बीती

कटनी, यशभारत। इंतहा हो गई इंतजार की….यह नगमा कटनी के भाजपा कार्यकर्ताओं पर फिट बैठता है। कल भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा भी हो गई, लेकिन कटनी की जिला कार्यकारिणी के ऐलान का नंबर अब तक नहीं लगा। पहले दशहरा और अब दीवाली भी निकल गई, लेकिन कार्यकर्ताओं के हिस्से आया केवल इंतजार। पता नहीं कौन से ऐसे समीकरण उलझे हुए हैं जिन्हें प्रदेश नेतृत्व सुलझा नहीं पा रहा। इधर कार्यकर्ता बेचैन हैं, उधर पूरी पार्टी बिहार चुनाव में लगी है। सूत्र बताते हैं कि कटनी की जिला कार्यकारिणी की घोषणा कुछ और जिलों के साथ कभी भी की जा सकती है। प्रदेश नेतृत्व के सामने नामों को लेकर कोई विषय नहीं है। नेतृत्व के निर्णय से ऊपर कोई नहीं। स्थानीय स्तर के सभी प्रभावशाली नेताओं से उनकी पसंद पूछ ली गई है। अब अंतिम निर्णय प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को लेना है। सूत्र तो यहां तक बता रहे हैं कि सबकुछ फाइनल होकर रख गया है, केवल सही वक्त देखकर ऐलान कर दिया जाएगा। सियासत में टाइमिंग बहुत महत्व रखती है। कटनी की सूची कब जारी की जाना है, यह प्रदेश नेतृत्व बेहतर जानता है।
कल प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में एक बार फिर चर्चा का बाजार गर्म हो गया। दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई। एक तो यह जाहिर हो गया कि पार्टी में ऊपर बैठे नेता जब जो ठीक समझेंगे, वो करेंगे। कुछ दिनों से यह माहौल बनाया जा रहा था कि बिहार चुनाव की वजह से सबकुछ रोक दिया गया है। अब प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर बाकी बचे जिलों की टीमें भी बिहार चुनाव के बाद घोषित होंगी लेकिन पहले गुजरात का पूरा मंत्रिमंडल बिहार चुनाव के बीच बदले जाने और फिर एमपी की प्रदेश कार्यकारिणी के ऐलान ने बता दिया कि बिहार चुनाव की वजह से संगठन और सत्ता के जरूरी कामकाज को बाधित नहीं किया जा सकता। दूसरी प्रतिक्रिया में प्रदेश कार्यकारिणी की कल शाम हुई घोषणा ने कटनी के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निराश किया। उम्मीद थी कि कटनी के किसी नेता को प्रदेश की टीम में जगह मिलेगी, लेकिन किसी भी नेता का कद इतना नहीं आंका गया कि उसे प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान दिया जा सके। कटनी को एक बार ही प्रदेश संगठन में महत्व मिला है। विजयराघवगढ़ की कद्दावर नेत्री पदमा शुक्ला जब भाजपा में थी, तब वे प्रदेश मंत्री बनाई गई थी।
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सूत्रों से जो जानकारी आ रही है उसके मुताबिक भले ही जिला कार्यकारिणी की घोषणा में विलम्ब हो रहा है लेकिन जब भी एलान होगा, चौंकाने वाले नाम सामने आएंगे। जो नेता जिला संगठन के पदों को अपनी बपौती मान बैठे हैं, उन्हें बाहर का रास्ता दिखलाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। भोपाल से जो फीडबैक मिल रहा है उसके मुताबिक कटनी जिला प्रदेश नेतृत्व के निशाने पर है। यहां पिछले दो कार्यकाल में जिस मनमर्जी से काम किया गया है, उसकी पूरी जानकारी ऊपर पहुंचा दी गई है। ऐसे लोगों को चुन चुनकर लूप लाइन में भेजा जाएगा जो खुदको कटनी में भारतीय जनता पार्टी के कर्णधार समझने की भूल कर बैठे हैं।








