मंडला l मधुपुरी गांव में भीषण पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों ने पदमी-रामनगर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब सात दिनों से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के इस प्रदर्शन से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार, पीएचई विभाग के कर्मचारी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में एमपीआरडीसी की ओर से पदमी-रामनगर सड़क का निर्माण किया गया है, जो मधुपुरी गांव से होकर गुजरती है। सड़क निर्माण से पूर्व राजस्व विभाग ने लगभग 58 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके परिणामस्वरूप, सीमित जगह में सड़क तो बन गई, पर नाली और पाइपलाइन बिछाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा। प्रशासन को इस ओर जल्द से जल्दे ध्या न देते हुए उक्त समस्या का समाधान निकालना आवश्यक हो गया है।
सड़क निर्माण के दौरान गांव की पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। अब जब नई पाइपलाइन बिछाने और नाली निर्माण का कार्य शुरू किया गया है, तो अतिक्रमणकारियों द्वारा इसमें बाधा डाली जा रही है। इसी वजह से पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। एवं ग्रामीणजनों को पीने के पानी के लिए विगत कई दिनों से समस्याम से जूझना पड रहा है जिसका कोई ठोस समाधान जल्दग से जल्दन निकालना आवश्य क हो गया है।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि पहले अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि पाइपलाइन और नाली निर्माण का कार्य पूरा हो सके और गांव में नियमित पानी की आपूर्ति बहाल की जा सके। मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने इस स्थिति को प्रशासनिक लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि गांव में पानी की टंकी बन चुकी है और पाइपलाइन कनेक्शन का काम वर्ष 2022 में ही पूरा होना था, लेकिन यह अब तक अधूरा है। उन्होंने स्थानीय विधायक और पीएचई मंत्री पर भी सवाल उठाए। फिलहाल, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है। वे ग्रामीणों से बातचीत कर चक्काजाम समाप्त करने और उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दे रहे हैं। अब देखना होगा कि शासन प्रशासन ग्रामीणों की उक्ति समस्या ओं का समाधान किस तरह से करती है और ग्रामीणों को कब तक रोजाना पानी उपलब्धक कराया जा सकेगा।