सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/नशे के सौदागरों के खिलाफ सागर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस के कड़े रुख और कुशल निर्देशन में बंडा थाना पुलिस ने 43 किलो से अधिक गांजा और जानलेवा जहरीली शराब जब्त कर नशे के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 18 लाख रुपये की मशरुका बरामद कर तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है।
जानकारी के अनुसार, बंडा थाना प्रभारी अंजली उदेनिया को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम दलपतपुर में कोमल सिंह लोधी और उसका पुत्र अनिल लोधी बड़े पैमाने पर गांजे की तस्करी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर दलपतपुर में दबिश दी गई। पुलिस ने घेराबंदी कर सफेद रंग की बोलेरो कार (MP-15-ZV-9352) की तलाशी ली, जिसमें से 43.660 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बाजार में इस गांजे की कीमत करीब 08 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में प्रयुक्त 10 लाख की बोलेरो, तौल उपकरण और पैकिंग सामग्री भी जब्त की है।
जहरीली शराब बेचते धराया एक और आरोपी
गांजे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान ही पुलिस को सूचना मिली कि दलपतपुर रोड पर जहरीली कच्ची महुआ शराब बेची जा रही है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सचिन लोधी (38 वर्ष) को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के पास से बरामद शराब से अत्यंत तीखी और जहरीली दुर्गंध आ रही थी, जो मानव जीवन के लिए घातक पाई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 49(क) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में थाना प्रभारी अंजली उदेनिया, उप निरीक्षक के.एस. ठाकुर, एम.एल. धुर्वे, प्रधान आरक्षक देवेंद्र वैध, वीरविक्रम सिंह, आरक्षक विक्रम सिंह, जिनेंद्र यादव, विनोद पटेल, अशोक अहिरवार, सतीश राज, नंदलाल, दशरथ, महिला आरक्षक चेतना, कृष्णा, चालक रामस्वरूप और सैनिकों की मुख्य भूमिका रही।