बड़ी बैठक : चेतनोदय तीर्थ क्षेत्र एवं गौशाला की भूमि को बचाने जैन समाज एकजुट, किसी भी कीमत पर बचाएंगे तीर्थ क्षेत्र की भूमि, बिकने से रोकने हरसंभव प्रयास

कटनी, यशभारत जैन धर्मशाला में जैन समाज की एक महत्वपूर्ण महासभा आयोजित की गई। इसमें शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रतिनिधि एवं समाजजन उपस्थित हुए , दयोदय पशु सेवा कमेटी के सदस्य , दिगम्बर जैन पंचायत के सभी सदस्य एवं “सवाई सिंघई कन्हैया लाल गिरधारी लाल जी जैन धर्मार्थ औषधालय के ट्रस्टियो की उपस्थित रही I महासभा में चेतनोदय तीर्थ क्षेत्र एवं गौशाला की भूमि की सुरक्षा को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। महासभा में सभी प्रमुख पक्षों एवं समाजजनों के विचार सार्वजनिक रूप से सुने गए। विचार-विमर्श के पश्चात पंचायत अध्यक्ष संजय जैन ने उपस्थित समाजजनों की भावनाओं को समझते हुए हाथ उठाकर सहमति प्राप्त की। इसके बाद सर्वसम्मति से भूमि के विक्रय के संबंध में निर्णय की घोषणा की गई।
महासभा में यह निर्णय लिया गया कि—“सवाई सिंघई कन्हैया लाल गिरधारी लाल जी जैन धर्मार्थ औषधालय ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2012 में श्री सकल दिगम्बर जैन पंचायत को सदा-सदैव के लिए समर्पित की गई समस्त भूमि में से किसी भी भूमि का विक्रय नहीं किया जा सकेगा।
इसी प्रकार 15/03/1999 को उपरोक्त भूमि में से दयोदय पशु सेवा के अध्यक्ष सवाई सिंघई अभय कुमार जैन एवं मंत्री सवाई सुधीर कुमार जैन द्वारा रजिस्टर्ड लीज डीड एवं रजिस्टर्ड दानपत्र के माध्यम से जो भूमि प्रदान की गई है, उक्त भूमि में से भी किसी भी भाग का विक्रय नहीं किया जा सकेगा।” इस निर्णय के बाद संपूर्ण भारत की जैन समाज में प्रसन्नता का वातावरण है। समाजजनों द्वारा पंचायत एवं महासभा में लिए गए इस निर्णय की सराहना की जा रही है। समाजजनों ने तीर्थ क्षेत्र को और अधिक विकसित करने तथा समर्पित भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया।
सर्वविदित है कि उक्त समर्पित भूमि पर अब चेतनोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र विकसित होकर संपूर्ण भारतवर्ष में एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित हो चुका है। पूज्य सुधा सागर मुनि महाराज के आशीर्वाद से यह क्षेत्र निरंतर धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बन रहा है। आगामी समय में यहां चौबीसी के निर्माण की भी योजना है। महासभा में उपस्थित समाजजनों ने भूमि के विक्रय के विरुद्ध अपनी सहमति व्यक्त की। सभी ने हाथ उठाकर तीर्थ क्षेत्र की भूमि को सुरक्षित रखने तथा उसका उपयोग जैन समाज के धार्मिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए करने का संकल्प लिया। भूमि बिक्री पर रोक लगाने संबंधी निर्णय का समाजजनों ने स्वागत किया। महासभा को संबोधित करते हुए चेतनोदय तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष अनुराग जैन ने बताया कि पिछले दिनों जैन समाज द्वारा एक महारैली निकालकर भूमि के संबंध में विरोध दर्ज कराया गया था। इस दौरान कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसके माध्यम से पूरे मामले की जानकारी प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत की गई। अनुराग जैन ने कहा कि किसी भी कीमत पर तीर्थ क्षेत्र की भूमि को जाने नहीं दिया जाएगा और भूमि को बिकने से रोकने के लिए समाज की एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “चेतनोदय तीर्थ क्षेत्र की भूमि केवल संपत्ति नहीं, बल्कि जैन समाज की धार्मिक आस्था, श्रद्धा और वर्षों की साधना से जुड़ी धरोहर है। इसे किसी भी स्थिति में जैन समाज से अलग नहीं होने दिया जाएगा।”उन्होंने समाजजनों से अपील की कि सभी लोग एकजुट रहें तथा तीर्थ क्षेत्र के संरक्षण एवं विकास के लिए मिलकर कार्य करें।








