फर्जी जाति प्रमाण पत्र से लिया योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री और प्रशासन से शिकायत, आत्मदाह की चेतावनी

रीठी, यशभारत। बिलहरी निवासी विनोद शंकर शर्मा ने संतोष कुमार बर्मन के खिलाफ कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित जाति प्रमाण पत्र तैयार कर अनुसूचित जनजाति श्रेणी का लाभ लेने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर दोष सिद्ध होने पर संबंधित दस्तावेज निरस्त करने तथा आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संतोष कुमार बर्मन के शासकीय अभिलेखों में अलग-अलग समय पर जाति संबंधी प्रविष्टियां दर्ज रही हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 1988-89 के राजस्व अभिलेखों में परिवार की जाति ढीमर दर्ज होने का उल्लेख है, जबकि बाद के कुुछ दस्तावेजों में बर्मन अन्य पिछड़ा वर्ग का उल्लेख मिलता है। शिकायत में इन अभिलेखों को आधार बनाकर जाति प्रमाण पत्र की वैधता की जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 1992 में संतोष कुमार बर्मन द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग का कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र तैयार कर शासकीय योजनाओं एवं आरक्षण संबंधी लाभ लेने का प्रयास किया गया। शिकायत में वर्ष 1998 से 2004 के बीच ग्राम पंचायत बिलहरी से जुड़े दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें पंचायत संबंधी रिकार्ड में जाति प्रविष्टियों में बदलाव का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता विनोद शंकर शर्मा ने कार्रवाई नहीं होने पर आगामी 20 अक्टूबर को कलेक्टर कर्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है।







