प्रशासन माइनिंग कॉन्क्लेव में व्यस्त, शुरू हुआ मुरूम के अवैध उत्खनन का खेल, धरती का सीना चीरकर खुलेआम की जा रही मोटी कमाई

कटनी, यशभारत। शहर मेंं एक बार फिर मुरूम सहित अन्य खनिजों का अवैध रूप से उत्खनन शुरू हो गया है। कहीं रात के अंधेरे में तो कहीं दिन के उजाले में खुलेआम प्रशासन और खनिज विभाग की आंख में धूल झोंकते हुए काली कमाई की जा रही है। खास बात यह है कि खनिज विभाग के अधिकारियों को अवैध उत्खनन की जानकारी होने के बाद भी विभाग के प्रमुख अधिकारी से लेकर निरीक्षक स्तर के अधिकारी अपनी आंखों में पट्टी बांधे हुए हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दो दिन बाद 23 अगस्त को माइनिंग कांक्लेव का आयोजन हो रहा है। जिसमे खनिज विभाग के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी लगे हुए हैं। संभवत: इसी का फायदा उठाते हुए मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। कुठला और माधवनगर थाना क्षेत्र अवैध उत्खनन करने वालों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। यहां पुलिस भी मूकदर्शक बनकर अवैध उत्खनन को शह देने का काम कर रही है। माइनिंग माफिया और उसके सहयोगियों के हौंसले इतने बढ़ चुके हैं कि वे हथियारों से लैस होकर सारी रात अवैध उत्खनन के इस काले साम्राज्य को संचालित करते हैं। तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक की निगाहों से बचाकर थाने के कुछ जिम्मेदार कर्मचारी माइनिंग माफिया को उसके काले साम्राज्य को संचालित करने की पूरी सहूलियत प्रदान कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि माइनिंग माफिया द्वारा लेटराइट, बॉक्साइट एवं मुरूम का धड़ल्ले से उत्खनन किया जा रहा है। अंधेरा होने के बाद शुरू होने वाला अवैध उत्खनन का यह खेल सारी रात चलता है। रात भर होने वाले अवैध खनन से निकलने वाले माल को या तो दिन निकलने से पहले ठिकाने तक पहुंचा दिया जाता है या फिर उसे जिम्मेदारों की निगाहों से बचाकर स्टॉक कर दिया जाता है। चर्चा के मुताबिक कुठला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पोड़ी, कन्हवारा, जटवारा, पटवारा एवं हाईवे से सटे कुछ इलाकों में सक्रिय रूप से माइनिंग माफिया का साम्राज्य स्थापित है। इन्हीं स्थानों से अवैध रूप से बेश कीमती खनिज संपदा का उत्खनन अवैध रूप से किया जा रहा है।
सरकार को राजस्व का नुकसान
्रपिछले एक लंबे समय से इन क्षेत्रों में संचालित अवैध उत्खनन के कारोबार के कारण शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हो चुका है। जहां एक तरफ शासन को लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी तरफ इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देने वाले जिम्मेदार लोग अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लालच में सब कुछ देख कर भी अनदेखा कर देते हैं। माइनिंग माफिया के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि उसके खिलाफ उठने वाली आवाजों को भी वह दबाने से गुरेज नहीं खाता। उसके बढ़ते हुए हौसले के पीछे एक राजनेता का संरक्षण होना भी बताया जा रहा है। अब अगर हमारे जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और कानून के रक्षक ही ऐसे काले कारनामों को बढ़ावा देने का ठेका ले लें तो फिर हम उम्मीद लगाए भी तो किससे।
बड़वारा के पठरा में खुलेआम हो रहा उत्खनन
कुछ इसी तरह का दृश्य बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पठरा में देखने को मिल रहा है। यहां भी कतिपय खनन माफिया द्वारा जमीन का सीना चीरकर मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
इनका कहना है
मुरूम के अवैध उत्खनन की शिकायतें मिली है। संबंधित थानों की पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
-नेहा पचीसिया, नगर पुलिस अधीक्षक







