
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को बसंत पंचमी के मौके पर हैदराबाद पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री वैष्णव संत रामानुजाचार्य स्वामी की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी’ देश को समर्पित करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी हैदराबाद के पाटनचेरु में इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टिट्यूट फॉर द सेमी-अरिड टॉपिक्स (ICRISAT) की गोल्डन जुबली सेरेमनी में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल एग्रीकल्चर को भारत का फ्यूचर बताया। साथ ही इंस्टिट्यूट के एग्रीकल्चर साइंटिस्ट्स को अगले 25 साल का टारगेट बनाकर काम करने का मिशन दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल एग्रीकल्चर के फील्ड में भारतीय युवा बेहतरीन काम कर सकते हैं। डिजिटल एग्रीकल्चर से किसानों के एम्प्वारमेंट के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं। क्रॉप असेसमेंट, ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव जैसे एरिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग बढ़ाया जा रहा है। भारत ने अपने केंद्रीय बजट 2022-23 में भी हर सेक्टर में ग्रीन फ्यूचर को बढ़ावा देने के अपने कमिटमेंट को दिखाया है।
स्मारक डाक टिकट भी किया लॉन्च
पीएम मोदी ने ICRISAT की गोल्डन जुबली सेरेमनी में स्मारक डाक टिकट भी लॉन्च किया। साथ ही उन्होंने ‘क्लाइमेट चेंज रिसर्च फैसिलिटी ऑन प्लांट प्रोटेक्शन’ का उद्घाटन भी किया। उन्होंने इंस्टिट्यूट के साइंटिस्ट्स की तारीफ की और कहा, आपके पास 5 दशकों का अनुभव है। इन 5 दशकों में आपने भारत सहित दुनिया के एक बड़े हिस्से में कृषि क्षेत्र की मदद की है। आपकी रिसर्च, आपकी टेक्नॉलॉजी ने मुश्किल परिस्थितियों में खेती को आसान और सस्टेनेबल बनाया है।







