सागर यश भारत संभागीय ब्यूरो)/ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि मध्य प्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी आवश्यक ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता है और सरकार लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नजर
मंत्री राजपूत ने यश भारत के संभागीय ब्यूरो को विशेष चर्चा में बताया कि उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी या कालाबाजारी की स्थिति किसी भी कीमत पर निर्मित नहीं होनी चाहिए। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि इस क्षेत्र में लगातार निगरानी और वैधानिक कार्यवाही की जाए। साथ ही, ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है जहाँ एलपीजी का अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग होता है।
शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को मिलेगी राहत
खाद्य आयुक्त कर्मवीर शर्मा के अनुसार, वाणिज्यिक एलपीजी के उपयोग के लिए केवल शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थानों को विशेष छूट दी गई है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके। अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की सलाह दी गई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था में कुछ महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही रिफिल बुकिंग स्वीकार की जा रही है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कालाबाजारी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता को समान रूप से और समय पर गैस सिलेंडर मिल सके।
जिला स्तर पर खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को एलपीजी वितरकों के साथ नियमित बैठकें करने को कहा गया है। प्रशासन बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से भी संपर्क में है ताकि वे अपने उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करें और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाएं।
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