नाट्य कार्यशाला के समापन पर बच्चों ने दिया जल संरक्षण का संदेश , बूंद बूंद बने सागर नाटक के माध्यम से जागरूकता का किया आह्वान
At the conclusion of the drama workshop, children delivered a message about water conservation. Awareness was raised through the play "Drops Make Oceans."

नाट्य कार्यशाला के समापन पर बच्चों ने दिया जल संरक्षण का संदेश , बूंद बूंद बने सागर नाटक के माध्यम से जागरूकता का किया आह्वान
भोपाल यश भारत। एक जुट थिएटर एंड वेलफेयर समिति द्वारा मायाराम सृजन भवन में आयोजित 20 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक बूंद बूंद बने सागर के मंचन के साथ हुआ। बच्चों द्वारा स्वयं विकसित इंप्रोवाइज इस नाटक में जल संरक्षण के महत्व और पानी बचाने के व्यावहारिक उपायों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक में बताया गया कि जल जीवन का आधार है और इसकी एक एक बूंद का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कलाकारों ने नल खुला न छोड़ने, बाल्टी का उपयोग करने वर्षा जल संचयन अपनाने एसी के पानी का पुनः उपयोग करने तथा पेड़ लगाने जैसे उपायों के माध्यम से जल बचाने का संदेश दिया। साथ ही किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाने और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने संदेश दिया कि जल संरक्षण केवल सरकार की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। नाटक में सवि थापा अवनि आफले प्रज्ञा प्रजापति काशवी पाटिल कारण जायसवाल रोहित चौधरी कंचन कुबड़े और हार्दिक कुबड़े ने प्रभावशाली अभिनय किया। दर्शकों ने प्रस्तुति की सराहना की।







