नई कलेक्टर गाइडलाइन की तैयारियां : एआई और संपदा-टू सर्वे के डाटा से तय होंगे प्रापर्टी के दाम, सैटेलाइट इमेज और फील्ड रिपोर्ट पर फोकस
महानिरीक्षक पंजीयन ने जारी किया शेड्यूल

कटनी, यशभारत। प्रदेश में नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है, इसके लिए एआई व संपदा टू सॉफ्टवेयर की मदद से सर्वे किया जाएगा। सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि जिले में कहां पर अधिक दाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसी डाटा के आधार पर प्रापर्टी के दाम तय किए जाएंगे। अभी ऑनलाइन माध्यम से सर्वे किया जाएगा, इसके बाद राजस्व व पंजीयन विभाग के अधिकारी जमीनी स्तर पर भी उन क्षेत्रों का सर्वे करेंगे, जहां पर तेजी से प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक महानिरीक्षक पंजीयन ने इसका पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है और पंजीयन विभाग के अधिकारी इसी के अनुरूप तैयारियों में जुटे हुए हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए महानिरीक्षक पंजीयन ने आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत फरवरी तक जिला मूल्यांकन समितियों को गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजना है। जिले में कलेक्टर गाइडलाइन तय करने के लिए पिछले पांच वर्ष का डाटा खंगाला जाएगा। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि किन क्षेत्रों में बढ़ी हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। उन क्षेत्रों की सैटेलाइट इमेज निकाली जाएगी, जिससे यह पता लग सके कि वहां सिर्फ जमीन की खरीद-फरोख्त हुई है या फिर वहां पर निर्माण कार्य भी हुआ है। अभी तक दरें तय करने के लिए रजिस्ट्रियों को ही आधार बनाया जाता था, लेकिन अब इसके साथ सेटेलाइट इमेज, एआइ और फील्ड रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है।
सर्वे में इन तकनीकों की ली जाएगी मदद
एआई की मदद से यह पता लगाने में आसानी होगी कि एक प्रमुख स्थान या क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में कितना विकास कार्य हुआ है। उसी को दरें बढ़ाने के लिए आधार बनाया जाएगा। सैटेलाइट इमेज की मदद से क्षेत्र का वास्तविक चित्र सामने आ जाएगा कि वहां पर खाली जमीन है या फिर बड़ी मात्रा में भवन निर्माण हुआ है। कितनी सडक़ें बनाई गई हैं और किन क्षेत्रों से जुड़ रहीं हैं। इसके अलावा पंजीयकों द्वारा तैयार की गई फील्ड रिपोर्ट गाइडलाइन तय करने के लिए प्रमुख आधार रहती है। इससे स्पष्ट होगा कि उक्त क्षेत्रों में तय दरों से कितनी अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
सेटेलाइट इमेज, एआइ और फील्ड रिपोर्ट का विश्लेषण
प्रदेश में एआई और संपदा टू सर्वे के आधार पर बने डाटा से प्रापर्टी के दाम निर्धारित होंगे। अभी तक दरें तय करने के लिए रजिस्ट्रियों को ही आधार बनाया जाता था लेकिन अब इसके साथ सेटेलाइट इमेज, एआइ और फील्ड रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा। पंजीयकों द्वारा तैयार की गई फील्ड रिपोर्ट गाइडलाइन तय करने के लिए प्रमुख आधार रहती है। एआई की मदद से पता लगाया जाएगा कि पिछले एक साल में क्षेत्र में कितना विकास कार्य हुआ है। सैटेलाइट इमेज से पता लगाएंगे कि इलाके में खाली जमीन है या भवनों का निर्माण हुआ है।
इनका कहना है
नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए शासन स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। एआई व संपदा टू सॉफ्टवेयर की मदद से यह सर्वे किया जाएगा। महानिरीक्षक पंजीयन ने आदेश जारी करते हुए शेड्यूल जारी कर दिया है। इसी डाटा के आधार पर ही प्रापर्टी के दाम तय किए जाएंगे।
पंकज कोरी, जिला पंजीयक, कटनी






