द ग्रेट मिड-डे मील रॉबरी’? : नाता रसोइयों से तोडा, खाता किसी और से जोड़ा : अब पूरे प्रदेश मे रसोइयों -सहायकों के जांचे जाएंगे रिकॉर्ड

सतना । मध्य प्रदेश में स्कूली बच्चों को मिड डे मील मुहैया कराने वाली प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की आशंका सामने आई है। योजना के पोर्टल की समीक्षा में हजारों रसोइया और सहायकों के रजिस्ट्रेशन और पेमेंट में गड़बड़ियां मिली हैं।
हर महीने करीब 20 करोड़ रुपए के भुगतान वाली इस योजना में रसोइयों के नाम और पते तो सही मिले, लेकिन बैंक खाते दूसरे व्यक्तियों के दर्ज पाए गए। इस खुलासे के बाद सरकार ने सभी कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं।
20 जुलाई तक सत्यापन करना होगा
सरकार ने 6 जुलाई को प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि 20 जुलाई 2026 तक सभी रसोइयों और सहायकों का ईकेवाईसी, समग्र आईडी सत्यापन और बैंक खातों का मिलान कराया जाए। इसे पोर्टल पर अपडेट करने के बाद ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
विकासखंड स्तर पर ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर (BRC) भी रिकॉर्ड की जांच करेंगे और डुप्लीकेट या फर्जी पंजीयन मिलने पर कार्रवाई करेंगे। पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाएगी ताकि मानदेय भुगतान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे।







