मध्य प्रदेशराज्य

देश के अन्नदाताओं की कतार: कड़ी धूप में घंटों इंतजार, फिर भी नहीं मिल रहा पर्याप्त ‘खाद

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यश भारत दमोह/हटाlदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले किसान आज अपनी ही खेती के लिए एक बुनियादी जरूरत— खाद—को लेकर भीषण संकट और अव्यवस्था का सामना कर रहे हैं। बुवाई के महत्वपूर्ण समय में खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लगी हैं। हालात इतने बदतर हैं कि किसान घंटों कड़ी धूप में खड़े रहने के बावजूद न केवल भरपूर खाद नहीं पा रहे हैं, बल्कि वितरण केंद्र पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें घोर परेशानी झेलनी पड़ रही है।

वितरण केंद्र पर अव्यवस्था का आलम

प्राप्त जानकारी और तस्वीरों (संभावित रूप से वीडियो) के अनुसार, खाद वितरण केंद्र पर व्यवस्था नाम की कोई चीज दिखाई नहीं देती। किसानों के लिए उचित व्यवस्था का घोर अभाव है:

 छाया का अभाव- भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद किसानों के लिए छाया या शेड की कोई व्यवस्था नहीं है।

 *बैठने की व्यवस्था नहीं-* लंबी प्रतीक्षा के दौरान थक चुके अन्नदाताओं के लिए बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे बुजुर्ग और महिला किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं।

 *अधूरी आपूर्ति-* सबसे बड़ी समस्या यह है कि घंटों लाइन में लगे रहने के बावजूद किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रहा है। कई किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।

यह स्थिति दिखाती है कि एक ओर देश को खाद्यान्न सुरक्षा देने वाला किसान, अपनी फसल बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही और संवेदनहीनता साफ झलकती है।

किसानों का आक्रोश और चिंता

किसान संगठनों और कतार में खड़े किसानों ने इस पूरी व्यवस्था पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि बुवाई का सही समय तेजी से निकल रहा है, और अगर उन्हें समय पर खाद नहीं मिला, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। किसानों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा:

*किसानों का कहना-* हमारा खाता 12 एकड़ का है, लेकिन हमें सिर्फ तीन या चार बोरी खाद दी जा रही है। हमें चार-चार दिन से लाइन में लगना पड़ रहा है, और फिर भी हमारी जरूरत पूरी नहीं हो रही। सरकार को हमारी चिंता नहीं है।”

यह खाद की किल्लत न केवल फसल की पैदावार पर असर डालेगी, बल्कि किसानों पर आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ा रही है।

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