’डबल मनी’ महाघोटाला: लालच में सैकड़ों लोग फंसे, लाखों रुपये की ठगी,एक माह में रकम दोगुनी करने का दिया झांसा, एजेंट परिवार सहित फरार, पीड़ितों ने एएसपी से लगाई गुहार….

मंडला। जिले में कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। एक माह में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से राशि लेने वाले एजेंट पिछले एक माह से अधिक समय से परिवार सहित फरार बताए जा रहे हैं। ठगी के शिकार सैकड़ों लोग शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा से मिले और पूरे मामले की शिकायत करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि एजेंटों ने लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाया था। शुरुआत में कुछ लोगों, विशेषकर महिलाओं से छोटी-छोटी रकम लेकर एक माह बाद दोगुनी राशि वापस की गई। इससे लोगों का एजेंटों पर विश्वास बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग इस योजना से जुड़ते चले गए और अपनी जमा पूंजी के साथ-साथ रिश्तेदारों से उधार लेकर तथा कर्ज लेकर भी बड़ी रकम एजेंटों को देने लगे।
रिश्तेदारी और भरोसे का उठाया फायदा
जानकारी के अनुसार, इस कथित डबल मनी नेटवर्क की शुरुआत गोंदिया क्षेत्र के एक एजेंट से हुई थी। बताया जाता है कि उसने अपनी रिश्तेदारी और परिचितों के माध्यम से लोगों को इस योजना से जोड़ा। शुरुआत में कुछ लोगों को समय पर रकम लौटाकर उनका विश्वास हासिल किया गया। इसके बाद उन्हीं लोगों के माध्यम से अन्य लोगों को भी निवेश के लिए प्रेरित किया गया। धीरे-धीरे यह नेटवर्क मंडला और आसपास के क्षेत्रों में फैलता चला गया। करीब आठ माह तक लोगों से लगातार राशि एकत्रित किए जाने की बात सामने आ रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने एजेंटों के पास लाखों रुपये जमा कर दिए। पीड़ितों का आरोप है कि जब रकम वापस करने का समय आया तो एजेंटों ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में परिवार सहित घर से फरार हो गए।
शादी और जरूरी काम के लिए रखी रकम भी गंवाई
ठगी का शिकार हुए लोगों में ऐसे परिवार भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए वर्षों से रकम जमा कर रखी थी। डबल मनी के लालच में आकर लोगों ने अपनी जमा पूंजी एजेंटों को सौंप दी। कई लोगों ने कर्ज लेकर और परिचितों से उधार लेकर भी रकम लगाई। अब एजेंटों के फरार होने के बाद पीड़ितों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों का कहना है कि शुरुआत में जब कुछ लोगों को दोगुनी राशि वापस मिली तो उन्हें एजेंटों की बात पर पूरा भरोसा हो गया। इसी भरोसे के चलते लोगों ने बड़ी रकम लगा दी। अब एजेंटों के संपर्क से बाहर होने के बाद लोगों को अपनी जमा राशि वापस मिलने की चिंता सता रही है।
पुलिस से राशि वापस दिलाने और गिरफ्तारी की मांग
पीड़ितों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने, संबंधित एजेंटों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने, आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने तथा ठगी की राशि वापस दिलाने की मांग की है। पीड़ितों ने पुलिस को अपनी ओर से जमा की गई राशि और लेन-देन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की बात भी कही है। इस विषय में आज जिले के कांग्रेस नेता ने भी पुलिस प्रशासन से अपील किया है कि जल्द से जल्दक इस विषय पर कोई ठोस कार्यवाही की जाये।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और कुल कितनी राशि की ठगी की गई। फिलहाल एजेंटों के फरार होने के बाद पीड़ितों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही मामले की जांच पूरी कर आरोपियों तक पहुंचेगी और उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की दिशा में कार्रवाई करेगी।







