मध्य प्रदेशराज्य

जिला अस्पताल से बच्चा चोरी का प्रयास : दो दिन पहले हुआ था जन्म , मां की सतर्कता से बच गया मासूम , आरोपी गिरफ्तार

 

सतना यश भारत ।शहर के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल में नवजात शिशु चोरी करने के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात प्रसूता वार्ड में हुई, जहां एक युवक नवजात को झोले में रखकर अस्पताल से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि एक महिला की सतर्कता से मासूम सुरक्षित बच गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान कोलगवां थाना क्षेत्र स्थित पटनहा बिल्डिंग निवासी विपिन सोनी के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि घटना से पहले आरोपी अस्पताल में नशे की हालत में घूम रहा था। इसी दौरान उसकी नवजात की मां शिवानी चौधरी से मोबाइल चार्जर को लेकर कहासुनी हो गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसी विवाद से नाराज होकर युवक ने वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।

जानकारी के मुताबिक माडा टोला निवासी शिवानी चौधरी ने मंगलवार सुबह पुत्र को जन्म दिया था। देर रात करीब दो बजे आरोपी प्रसूता वार्ड के आसपास संदिग्ध हालत में घूमता नजर आया। उसने महिला से बातचीत करते हुए बच्चे को दूध पिलाकर सुलाने की बात कही और मौके पर नजर बनाए रखी।

बताया जा रहा है कि महिला के सो जाने के बाद आरोपी ने नवजात को चुपचाप उठाया और उसे एक झोले में रखकर अस्पताल से बाहर निकलने लगा।

 

इसी दौरान नई बस्ती निवासी अभिलाषा तिवारी की नजर आरोपी पर पड़ी। उन्हें झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी और बाहर नवजात के पैर दिखाई दिए। शक होने पर उन्होंने युवक से पूछताछ शुरू की तो वह घबरा गया और भागने लगा।

अभिलाषा तिवारी ने साहस दिखाते हुए आरोपी का पीछा किया। खुद को घिरता देख आरोपी झोला सहित नवजात को वहीं छोड़कर फरार हो गया। शोर सुनते ही अस्पताल स्टाफ और परिजन मौके पर पहुंचे तथा बच्चे को सुरक्षित उसकी मां के सुपुर्द किया गया।

घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। जांच के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रसूता वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बाहरी व्यक्ति के आसानी से पहुंचने से मरीजों और परिजनों में चिंता का माहौल है।

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