चिकित्सालय में नर्सिंग की छात्रा हत्याकांड मामला – सवालों के घेरे में अस्पताल प्रबंधन?

नरसिंहपुर यशभारत। बीती 27 जून को दिन दहाड़े हुए संध्या चौधरी हत्याकांड में अब अस्पताल प्रबंधन सवालों के घेरे में है । महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल की छात्रा अपना इंटर्न समय पूरा होने के एक माह बाद भी कैसे जिला चिकित्सालय में नर्सिंग कर रही थी इसको लेके सवाल उठ रहे है क्यूंकि पिछले 25 मई को ही एम एल बी की छात्राओं का ट्रेनिंग पीरियड समाप्त हो चुका था।
प्राप्त जानकारी अनुसार एमएलबी स्कूल की स्वास्थ्य विषय वाली छात्राओं की वोकेशनल ट्रेनिंग 5 मई से शुरू हो 25 मई को समाप्त भी हो चुकी थी। विद्यालय की हेल्थ प्रभारी ने जिला चिकित्सालय से 25 मई को विधिवत रिलीविंग भी ली बाबजूद इसके इन्ही छात्राओं में से कुछ का लगातार अस्पताल आकर नर्स के रूप में काम करना अनेक प्रश्नों को जन्म दे रहा है ।
महत्वपूर्ण एवं चिंताजनक बात है कि आखिर किसकी मर्जी से संध्या सहित कुछ छात्राएं जिला अस्पताल में प्रशिक्षु नहीं वरन् प्रशिक्षित नर्स की तरह काम कर रही थी विद्यालय द्वारा केवल 20 दिन की व्यावसायिक नर्सिंग प्रशिक्षण हेतु अस्पताल प्रबंधन की सहमति से उन्हें भेजा गया और अवधि समाप्त होते ही विधिवत रिलीव भी कराया गया । मात्र इतने से समय में कोई भी प्रशिक्षित नहीं होता केवल व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करता है, किंतु कुछ का नर्सिंग करना नर्सिंग शिक्षण प्रशिक्षण प्रभारी की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
एक सप्ताह पूर्व भी हुई थी मारपीट
अस्पताल के सूत्रों की माने तो संध्या-अभिषेक के बीच एक हफ्ते पहले भी अस्पताल में मारपीट हुई थी जिसके चश्मदीद भी अनेक कर्मचारी थे । उस घटना के बाद भी प्रबंधन ने मामले को गम्भीरता से नहीं लिया और संध्या की हत्या हो गई ।
एम एल बी से पुलिस ने रिकॉर्ड खंगाला
हेल्थ विषय से जुड़ी विद्यार्थियों को अस्पताल जाने से लेके वापिस विद्यालय आने तक का रिकॉर्ड कोतवाली पुलिस ने खंगाला है । ट्रेनिंग पीरियड के बाद भी संध्या कैसे अनाधिकृत रूप से अस्पताल में कार्य कर रही थी पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है ।
दोषियों पर हो करवाई
संध्या और अन्य छात्राएं कैसे जिला अस्पताल में ना सिर्फ नर्स के रूप में काम कर रही थी वरन् वहां उपचाररत मरीजों की भी जान से खिलवाड़ कर रही थी। ऐसा किसकी शह पर हो रहा था इसकी गंभीर जांच होना चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई होना चाहिए।
इनका यह है कहना….
हेल्थ की छात्राओं की ट्रेनिंग 5 मई से 25 मई तक थी और 25 मई पूरे ग्रुप की रिलीविंग करा ली गई थी।
श्रीमती भावना क्षेत्रीय- शिक्षक हेल्थ एमएलबी स्कूल नरसिंहपुर
संध्या ट्रेनिंग के बाद कैसे अस्पताल आ रही थी इसकी जानकारी नहीं । यदि उसने वार्ड में कभी काम किया है तो स्टाफ को जानकारी देना था । घटना दिनांक जरूर किसी रिश्तेदार को देखने आई थी ऐसी जानकारी है ।
डॉ. जी. सी. चौरसिया-प्रभारी सिविल सर्जन







