चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण : 16 कर्मचारियों का वेतन रोका… देखें पूरा वीडियो

दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की दवा व्यवस्था, स्टोर प्रबंधन और कर्मचारियों की उपस्थिति में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दवाओं की भारी कमी पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई बार दवाओं की मांग (इंडेंट) भेजे जाने के बावजूद समय पर आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे मरीजों को मजबूरी में बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस स्थिति पर जवाब मांगा और दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अस्पताल के दवा स्टोर की जांच में भी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। स्टॉक का मिलान करने पर 8 में से 6 दवाओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गईं। एमपी ई-औषधि पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने पर कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही माना।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि वर्ष 2025 और 2026 के कई इंडेंट अब तक लंबित हैं। कलेक्टर ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित एमपी ई-औषधि पोर्टल का सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है तथा स्टॉक की एंट्री और निकासी में डिजिटल प्रक्रिया का पालन नहीं होना गंभीर चूक है।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच के दौरान स्टोर में रखे कई फ्रीजर खराब स्थिति में पाए गए, जिनमें दवाएं संग्रहित थीं। इसके अलावा कुछ एक्सपायरी दवाएं भी मौके पर मिलीं। कलेक्टर ने इसे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान 16 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके विरुद्ध कलेक्टर ने तीन दिन का वेतन रोकने के आदेश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी अनियमितताएं किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से दवा स्टॉक को व्यवस्थित किया जाए, पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट किए जाएं तथा मरीजों को समय पर और पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।






