कटनीमध्य प्रदेश

खरीदी की तारीख तय, असमंजस में किसान, एक दिसंबर से होगा उपार्जन, 89 केन्द्र बनाए जा रहे, 4.75 लाख मीट्रिक टन टारगेट, 62 हजार 658 किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन



कटनी, यशभारत। जिले में समर्थन मूल्य पर धान के उपार्जन की तारीख तारीख तय हो गई है। जिले में 1 दिसंबर से किसानों से धान खरीदी की जाएगी। प्रशासन ने इस बार 89 खरीदी केंद्र बनाए हैं, जिनमें से 86 केंद्रों को स्वीकृति मिल चुकी है। प्रशासनिक तैयारियों के बीच किसानों में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल कुछ समय पहले राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर धान खरीदी न करने की मंशा व्यक्त की थी, इसमें बढ़ते कर्ज को कारण बताया था, जिससे किसानों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। अब प्रशासन ने साफ किया है कि कटनी जिले में तय कार्यक्रम के अनुसार ही खरीदी शुरू की जाएगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि खरीदी केंद्रों की सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। खरीदी केंद्रों में सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक इस वर्ष 62 हजार 658 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 53 हजार 153 थी। यह आंकड़ा दर्शाता है कि किसानों में इस बार सरकारी खरीदी को लेकर अधिक उत्साह है। समय-समय पर अच्छी बारिश व औसत से अधिक बारिश के कारण जिले में इस बार धान की अच्छी फसल आइ है। जिले में 4.75 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष 4.11 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था।
समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी
इस बार धान के समर्थन मूल्य में 96 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। वर्ष 2024 में जहां 2 हजार 283 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई थी, तो वहीं इस वर्ष 2 हजार 369 रुपए प्रति क्विंटल के दर से खरीदी की जाएगी। किसानों को इस बढ़ी राहत से मामूली लाभ मिलेगाए लेकिन अन्नदाता संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत में वृद्धि के अनुपात में समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी अभी भी सीमित है।
महिला स्व-सहायता समूहों को जिम्मेदारी
महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से इस बार जिले के तीन खरीदी केंद्र महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपे गए हैं। इनमें हदरहटा खरीदी केंद्र एक और दो पिपरिया कला नंबर दो केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर समस्त खरीदी, तौल और प्रबंधन की जिमेदारी महिलाओं के पास होगी।
39 वेयरहाउस केंद्रों में सुरक्षित खरीदी
धान को सुरक्षित रखने के लिए इस बार 39 खरीदी केंद्र वेयरहाउस परिसरों में स्थापित किए गए हैं, ताकि खरीदी के तुरंत बाद धान का भंडारण सुरक्षित रूप से किया जा सके। शेष केंद्रों पर खरीदी सहकारी समितियों के स्तर पर की जाएगी। कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा प्रशासन द्वारा सभी खरीदी केंद्रों में बारदाना, तौल मशीन, पेयजल की सुविधाए किसानों के बैठने की व्यवस्था, धान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल आदि का इंतजामए प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था जैसे इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को केंद्रों का निरीक्षण कर खरीदी शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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