कान्हा टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 1 जुलाई से बंद : मानसून के कारण 30 सितंबर तक नो-एंट्री; बफर जोन में सफारी जारी रहेगी

मंडला । विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। यह निर्णय मानसून के दौरान सड़कों और अस्थायी पुलों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस अवधि में कान्हा, किसली, मुक्की और सरही कोर जोन में पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जबकि बफर जोन में सफारी जारी रहेगी।
हर साल मानसून में कोर क्षेत्र को बंद रखा जाता
कान्हा प्रबंधन के अनुसार, बारिश के मौसम में पर्यटन मार्गों की स्थिति खराब हो जाती है और कई अस्थायी पुल भी टूट जाते हैं। पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखने के लिए हर साल मानसून में कोर क्षेत्र को बंद रखा जाता है। इस दौरान विभाग का मुख्य ध्यान जंगलों में निगरानी बढ़ाने, वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने पर रहेगा। वन अमला लगातार गश्त कर जंगल की मॉनिटरिंग करेगा।
282 सफारी वाहनों को प्रवेश की अनुमति
अक्टूबर 2025 से मई 2026 तक कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्रों में कुल 2 लाख 15 हजार 846 पर्यटकों ने भ्रमण किया। इससे प्रबंधन को 17 करोड़ 86 लाख रुपए से अधिक की आय हुई। इन पर्यटकों में 1 लाख 74 हजार 92 पर्यटक कोर एरिया में और 41 हजार 754 पर्यटक बफर क्षेत्र में पहुंचे। जून महीने के आंकड़े अभी आने शेष हैं। कान्हा में प्रतिदिन कुल 282 सफारी वाहनों को प्रवेश की अनुमति है, जिनमें से 178 वाहन कोर एरिया और 104 वाहन बफर जोन में संचालित होते हैं। कोर क्षेत्र में पर्यटन बंद होने से जिप्सी चालक, गाइड, वाहन मालिक, होटल व्यवसायी और स्थानीय व्यापारियों के रोजगार पर सीधा असर पड़ता है।
बफर जोन में सफारी जारी रहेगी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नाइट सफारी बंद होने के बाद स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए कान्हा प्रबंधन वैकल्पिक पर्यटन गतिविधियों पर जोर दे रहा है। प्रबंधन बैगा हाट, स्थानीय जनजातीय पारंपरिक नृत्य, फूड फेयर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसी गतिविधियां शुरू करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य शाम के समय पर्यटकों को आकर्षित करना और स्थानीय समुदाय को रोजगार के अतिरिक्त अवसर प्रदान करना है।







