कलेक्ट्रेट में गोपनीय जानकारी लीक होने से मचा हड़कंप : फोन के जरिए हो रही थी गतिविधियों की रेकी, कर्मचारी निलंबित

दमोह। जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय से गोपनीय सूचनाएं लीक होने का गंभीर मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कार्यालय में उपयोग किए जा रहे पुराने टेलीफोन सेट सील कर तकनीकी जांच के लिए भेजे गए हैं।
जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय में लंबे समय से कलेक्टर कक्ष में होने वाली चर्चाओं और निरीक्षण संबंधी योजनाओं की सूचनाएं बाहर पहुंचाई जा रही थीं। आशंका है कि कार्यालय के भीतर की बातचीत फोन के माध्यम से बाहर सुनाई और वायरल की जा रही थी।
निरीक्षण की योजना के दौरान हुआ खुलासा
बताया जा रहा है कि कलेक्टर प्रताप नारायण यादव अपने कार्यालय में अधिकारियों के साथ निरीक्षण की रणनीति बना रहे थे। इसी दौरान संबंधित क्षेत्र से फोन आने पर उन्हें संदेह हुआ कि कार्यालय के भीतर की गोपनीय जानकारी बाहर पहुंच रही है।
संदेह गहराने पर कलेक्टर ने तत्काल स्वयं जांच शुरू की और कार्यालय परिसर के अन्य कमरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीए कक्ष में एक मोबाइल फोन चालू हालत में मिला, जहां से अंदर की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सीट पर कार्यरत कर्मचारी सचिन खरे को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य कर्मचारियों को उनके मूल विभाग वापस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर कार्यालय में उपयोग किए जा रहे दोनों पुराने टेलीफोन सेट को सील कर तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोपनीय जानकारी किस माध्यम से बाहर पहुंचाई जा रही थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
घटना सामने आने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और भी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पूरे मामले की गोपनीय जांच जारी है और प्रशासन हर पहलू की पड़ताल कर रहा,







