एल्डरमैन की नियुक्ति में ओबीसी और अन्य वर्गों का कितना ध्यान रखेगी भाजपा? जल्द होगी घोषणा, निकाय चुनाव के लिए जातीय समीकरणों का रखना होगा ध्यान

भोपाल, यशभारत। भारतीय जनता पार्टी में एल्डरमैनों की नियुक्ति की कवायद तेज हो गई है। खबर है कि संगठन जल्द ही प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों के लिए मनोनीत पार्षदों की सूची जारी कर सकता है। सूत्र बता रहे हैं कि सभी नगर निगमों के लिए सामने आए नामों पर चर्चा कर ली गई है। इस बार देखने लायक होगा कि पार्टी पिछड़ा वर्ग, सिंधी और जैन समाज समेत महिलाओं का कितना ध्यान रखती है।
प्रदेश भर में निगम, मंडलों और प्राधिकरण के साथ जिलों में विभिन्न समितियों में हो रही नियुक्तियों के बीच भाजपा ने एल्डरमैन की नियुक्ति की फाइल को अंतिम रूप दे दिया है। दरअसल प्रदेश में साल भर बाद नगरीय निकाय चुनाव होने हैं, इसके पहले पार्टी निकायों की राजनीति से जुड़े और सक्रिय चेहरों को एल्डरमैन बनाकर नगर निगमों की लोकल पॉलिटिक्स के समीकरण साधना चाहती है। नेताओं को प्रसाद स्वरूप यह पद हालांकि साल भर से भी कम समय के लिए मिलेगा लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के साथ इन नियुक्तियों के जरिए शहरी राजनीति के जातीय समीकरण भी साधना चाहती है।ऐसे में यह बात महत्वपूर्ण हो गई है कि एल्डरमैन की नियुक्ति में पिछड़ा वर्ग, जैन, सिंधी समाज जैसे वर्गों का कितना ध्यान रखा जाएगा। गौरतलब है कि नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 फीसद आरक्षण है। इसका ध्यान नगर निगमों में एल्डरमैन की नियुक्ति में रखे जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही भाजपा पिछड़े वर्ग को महत्व देने के अपने एजेंडे को अमल में लाते हुए दिखना चाहती है। जाहिर है ऐसे स्थिति में उसे पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिलाओं के पर्याप्त प्रतिनिधित्व का ध्यान रखना होगा। देखने लायक होगा कि पार्टी इन नियुक्तियों में इस वर्ग को कितना साधकर चलती है। नगर निगम चुनाव में भाजपा को सभी नगर निगमों में यदि अपने महापौर बनाने है तो उसे शहरी इलाकों के जातीय समीकरण को अभी से साधकर चलना होगा। इसके लिए उसके पास एल्डरमैन की नियुक्ति का अच्छा मौका है। इसके जरिए वह हर वर्ग को अच्छा संदेश दे सकती है।
उल्लेखनीय है कि पार्टी नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में पहले ही एल्डरमैनों की नियुक्ति कर चुकी है। प्रदेश की 16 नगर निगमों में मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति के लिए संगठन स्तर पर नाम मांगे गए थे। पार्टी ने जिला संगठन के साथ विधायकों से भी उनके पसंद के नाम पूछे। सामने आए नामों में भोपाल में सहमति बनाने के प्रयास चले। सूत्र बताते हैं कि अब भी कुछ नामों पर पेंच फंसने से सहमति की कोशिश चल रही है। जल्द ही घोषणा कर दी जाएगी।







