जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

उपार्जन केंद्रों में धान लेकर पहुंच रहे लोग,चार दिन बाद प्रारंभ हुआ धान उपार्जन  : नही हो रहा परिवहन,खुले में रखा 30 प्रतिशत उपार्जित धान

सिवनी lजिले में धान उपार्जन का कार्य 28 दिसंबर को हुई वर्षा के कारण एक जनवरी तक रोक दिया गया था। इस दौरान उपार्जित धान की सुरक्षा और परिवहन में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी उपार्जन केंद्रों में धान के परिवहन कार्य में सुधार नहीं हो रहा है। केंद्रों में 30 प्रतिशत से अधिक धान खुले में रखा हुआ है।वहीं चार दिन बाद धान उपार्जन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। ऐसे में बड़ी मात्रा में धान केंद्रों में आने से अव्यवस्थाओं के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

धीमें परिवहन से अटक रहा भुगतान:-

जिले के उपार्जन केंद्रों में अब तक 1.45 लाख मीर्टिक टन धान का उपार्जन किया गया है। इसमें से 97 हजार मीट्रिक टन का परिवहन हुआ है। जबकि 48 हजार मीट्रिक टन धान अब भी खुले में रखा हुआ है। धान का समय पर उठाव और भंडारण नहीं होने के कारण धान बेचने वाले किसानों को भी समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। नियमानुसार उपार्जित धान का परिवहन और भंडारण होने के बाद ही किसानों को बेचे गए धान के भुगतान की कार्रवाई की जाती है। ऐसे में जिन किसानों द्वारा बेचे गए धान का परिवहन व भंडारण होने में देरी हो रही है ऐसे किसानों को भुगतान भी देर से मिल रहा है। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

89 केंद्रों में धान उपार्जन का कार्य:-

जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए सहकारी समिति, वेयर हाउस और समूहों को कार्य दिया गया है। कुल 89 केंद्रों में धान उपार्जन का कार्य किया जा रहा है।जिले में धान बेचने के लिए 52699 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें से गुरूवार की दोपहर तक 21685 किसानों से 1.45 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। वहीं धान बेचने के लिए 38849 स्लाट बुक किए गए हैं। किसानों को बेचे गए धान का भुगतान ऋण की राशि काटकर किया जा रहा है। अब तक धान बेचने वाले किसानों को ऋण की राशि काटकर कुल 311.23 करोड़ का भुगतान किया जाना हैं, इसमें से मात्र 166.21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा सका है। शेष किसानों को भुगतान करने के लिए ईपीओ जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

 

किसानों से लिया जा रहा अधिक धान:-

जिले के अधिकांंश धान उपार्जन में प्रति बोरी अधिक धान लेने की बात किसान कर रहे है। हालांकि अब तक किसी भी किसान ने परेशानियों से बचने के लिए अधिक धान लेने की शिकायत नहीं की है। कुछ किसानों ने बताया है कि उपार्जन केंद्रों में प्रति बोरी आधा किलो व इससे अधिक धान तौली जा रही है। इस ओर अधिकारियों को ही ध्यान देकर कार्रवाई करनी चाहिए। किसानों का कहना है कि प्रति बोरी अधिक धान लेने से उन्हे नुकसानी का सामना करना पड़ रहा है।

नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक विवेक रंगारी का कहना है की 31 दिसंबर और एक जनवरी को हमाल काम पर नहीं आए। इसके कारण ट्रकों में लाेडिंग नहीं होने से परिवहन का काम नहीं हो सका। धान परिवहन कर्ताओं को पूर्व में धीमे परिवहन पर नोटिस जारी किए गए थे। एक दो दिनों में परिवहन की स्थिति नहीं सुधरी तो एक बार फिर उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। किसानों को उपार्जन केंद्रों में परेशानी ना हो इसके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्घ कराई जा रही हैं। उपार्जित धान को सुरक्षित रखने के निर्देश भी केंद्र प्रभारियों को दिए गए है। साथ ही केंद्रों का निरीक्षण कर परिवहन व अन्य व्यवस्थाएं देखी जा रही हैं।

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