कटनी

आखिरी दिन करों की वसूली में जुटे रहे विभाग, लोगों के जीवन से जुड़े कई बदलाव होंगे कल से, बदलेंगे पैन और बैंकिंग के नियम, लेनदेन से प्रॉपर्टी की खरीदी में दिखेगा असर

कटनी, यशभारत। कल एक अपै्रल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है और इसी के साथ लोगों के जीवन से जुड़े कई बदलाव भी होने जा रहे हैं। इसके पहले वित्तीय वर्ष समाप्ति के अंतिम दिन आज 31 मार्च को नगर निगम सहित अन्य प्रशासनिक विभाग करों की वसूली में जुटे रहे। जानकारी में बताया गया है कि आज रात 12 बजे तक अमला राजस्व वसूली में लगा रहेगा। बताया जाता है कि इस दौरान अधिक से अधिक राजस्व वसूली पर फोकस रहेगा। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आयकर विभाग और वित्तीय प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू होने जा रहे हैं। 1 अप्रैल से लागू होने वाले इन नए प्रावधानों का सीधा असर आम नागरिकों की बैंकिंग व्यवस्था, पैन कार्ड, प्रॉपर्टी खरीद, वाहन खरीद और बड़े वित्तीय लेनदेन पर पड़ेगा। अब नया पैन कार्ड बनवाने के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा। आवेदक को आधार के साथ एक और मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैध पहचान दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। जरूरत पडऩे पर एड्रेस प्रूफ के लिए अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकेंगे।
बैंक कैश डिपॉजिट की नई व्यवस्था
अब तक बैंक में 50 हजार रुपए से अधिक नकद जमा करने पर पैन दिखाना अनिवार्य था। कई लोग इस नियम से बचने के लिए कम राशि में बार-बार जमा करते थे। नए नियम के अनुसार अब सालाना आधार पर निगरानी होगी। यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में बैंक खाते में 10 लाख रुपए या उससे अधिक नकद जमा करता है तो पैन देना अनिवार्य होगा।
वाहन खरीद पर बदला नियम
पहले हर मोटर वाहन खरीद पर पैन कार्ड देना आवश्यक था, लेकिन अब यह नियम संशोधित कर दिया गया है। अब केवल 5 लाख रुपए से अधिक कीमत वाले दोपहिया या चार पहिया वाहन खरीदने पर ही पैन देना अनिवार्य होगा।
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में राहत
प्रॉपर्टी खरीदने वालों को बड़ी राहत दी गई है। पहले 10 लाख रुपए या उससे अधिक मूल्य की संपत्ति के पंजीयन पर पैन कार्ड देना अनिवार्य थाए जिसे बढ़ाकर अब 20 लाख रुपए कर दिया गया है। इससे मध्यम वर्गीय खरीदारों को सुविधा मिलेगी।
होटल बिल और बीमा भुगतान की सीमा बढ़ी
होटल या रेस्टोरेंट में नकद भुगतान की सीमा भी बढ़ा दी गई है। पहले 50 हजार रुपए से अधिक के कैश बिल पर पैन देना जरूरी था, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया गया है। बीमा प्रीमियम भुगतान से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया गया है।
चेक बाउंस पर सख्त प्रावधान
चेक बाउंस होना नेगोशिएबल इंस्ट्रस्मेंट एक्ट की धारा 138 के तहत अर्ध-आपराधिक अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा या चेक राशि के दोगुने तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि अदालतों का प्राथमिक उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को उसका भुगतान दिलाना होता है। नोटिस मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर भुगतान करने पर मामला दर्ज होने से बच सकता है।
सैलरी स्लिप समझना भी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि सैलरी स्लिप को समझना टैक्स बचत और वित्तीय योजना के लिए बेहद जरूरी है। बेसिक सैलरीए एचआरएए पीएफ और अन्य अलाउंस की सही जानकारी से टैक्स बोझ कम किया जा सकता है और भविष्य के लिए बेहतर बचत संभव है। नए नियमों का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना, कर व्यवस्था को मजबूत करना और डिजिटल ट्रैकिंग को प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।

 

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