नगर निगम ने अवैध कॉलोनियों के संबंध में नागरिकों को चेताया
बिना वैध अनुमति प्लॉट खरीदने पर कानूनी और आर्थिक परेशानियों का खतरा

नगर निगम ने अवैध कॉलोनियों के संबंध में नागरिकों को चेताया
बिना वैध अनुमति प्लॉट खरीदने पर कानूनी और आर्थिक परेशानियों का खतरा
कटनी, यशभारत। नगर पालिक निगम ने शहर में अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लगाने और नागरिकों को सतर्क करने के लिए आम सूचना जारी की है। नगर निगम प्रशासन ने चेताया है कि किसी भी भूमि या प्लॉट का क्रय-विक्रय करने से पहले उसकी वैधता की जानकारी अनिवार्य रूप से नगर निगम कार्यालय से प्राप्त की जाए।
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री एवं कॉलोनी सेल प्रभारी अंशुमान सिंह ने बताया कि कई कॉलोनाइजर बिना वैध अनुमति के प्लॉटिंग कर कॉलोनियों का निर्माण कर रहे हैं, जो मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में नियम 22(2) और 22(3) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने प्रमुख अवैध कॉलोनियों के खसरा नंबर और कुल रकवे का विवरण भी जारी किया है। जिन वार्डों में अवैध कॉलोनियों के मामले सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं:
◆जगमोहन दास वार्ड: 462/7 ए, 463/19 ए, 464/5 (रकवा 0.633 हेक्टेयर), 460/4/2, 460/5/4, 460/6 ख, 460/7, 461 और 356
◆अमकुही ग्राम (तहसील कटनी नगर): 194/1, 201/3, 194/2, 201/1/1/1/1, 201/3, 195, 201/1, 204 और 205
◆बड़वारा ग्राम (तहसील कटनी नगर): 1448/6 क, 1448/6, 1449/3, 1448/5, 1449/2, 1449/9, 1448/4 क, 1449/1, 1448/80 क, 1447/3, 1448/7, 1449/4 (कुल रकवा 1.66 हेक्टेयर)
◆बाल गंगाधर तिलक वार्ड: 32/1, 33/1 (कुल रकवा 0.539 हेक्टेयर), 12/6, 13 (कुल रकवा 1.477 हेक्टेयर), 69/1/2/1/1, 93/1, 51/1, 51/2, 51/3
◆राम मनोहर लोहिया वार्ड: 344/13 (0.150 हेक्टेयर), 635/1, 636/1, 637, 638
◆पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड: 1369/1, 1370/1, 1370/2 (0.080 हेक्टेयर), 1497/1/1 (0.985 हेक्टेयर)
◆सावरकर वार्ड: 597/1 (1.038 हेक्टेयर), 607/8 क, 607/5, 603, 605, 606/1, 602/2 (1.50 हेक्टेयर)
◆अन्य वार्ड: रफी अहमद किदवई, राजीव गांधी, रामकृष्ण परमहंस, चंद्र शेखर आजाद, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, विश्राम बाबा, महाराणा प्रताप, रविंद्र नाथ टैगोर, आचार्य विनोबा भावे, बाबू जगजीवन राम, रामनिवास सिंह आदि में विभिन्न खसरा नंबर शामिल हैं।
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और बिना वैध अनुमति निवेश न करने की अपील की है। बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने पर भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।






