ग्वालियरl आरक्षक भर्ती परीक्षा में असली छात्र के स्थान पर नकली अभ्यर्थी परीक्षा देते हुए पकड़े गए l सीबीआई कोर्ट ने आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले दो आरोपियों को दोषी मानते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर विभिन्न धाराओं में 12-12 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
बताया जा रहा है कि मुरैना के शासकीय कन्या महाविद्यालय में 30 सितंबर 2012 को आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी।
परीक्षा केंद्र में एक अभ्यर्थी की फोटो और हस्ताक्षर असली उम्मीदवार से मेल न खाने पर संदेह हुआ। जांच में पता चला कि परीक्षा में बैठा अभ्यर्थी वास्तविक उम्मीदवार नहीं, बल्कि फर्जी परीक्षार्थी था। पुलिस पूछताछ में उसने खुद को परवेंद्र सिंह बताया, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि उसका असली नाम हरवेंद्र सिंह चौहान है।
वह असली अभ्यर्थी रणवीर सिंह यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। पुलिस ने उसी दिन एफआईआर दर्ज की, लेकिन केस का अभियोग पत्र 1 अगस्त 2015 को कोर्ट में प्रस्तुत किया जा सका।
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