किताबें नहीं फिर कैसे होगी तीसरी भाषा की पढ़ाई? CBSE ने 7 दिनों में सिलेबस शुरू करने का दिया निर्देश
लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 में तीसरी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य कर दी है। बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे महज 7 दिनों के भीतर इस नए सिलेबस को लागू करें। CBSE के अनुसार, जिन स्कूलों ने अभी तक तैयारी नहीं की है, उन्हें तुरंत इस दिशा में काम शुरू करना होगा। खास बात यह है कि आधिकारिक किताबें उपलब्ध न होने के बावजूद भी पढ़ाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को स्थानीय किताबों और अन्य शिक्षण सामग्री की मदद से कक्षाएं शुरू करनी होंगी।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर स्कूल को यह बताना होगा कि उन्होंने तीसरी भाषा के रूप में कौन-सी भाषा चुनी है और इसकी जानकारी ओएसिस पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। इस फैसले का असर छात्रों के भविष्य पर भी पड़ेगा। कक्षा 6 में चुनी गई भाषा ही आगे कक्षा 9 और 10 में विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी, इसलिए स्कूलों को सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है।
यह नियम नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF 2023) के तहत लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को मातृभाषा, अंग्रेजी के साथ एक अतिरिक्त भारतीय भाषा का ज्ञान देना है। CBSE ने साफ किया है कि इस आदेश का पालन अनिवार्य है और किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।






