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जिसे समझ रहे थे सूखी लकड़ी वह निकला 10 फीट का विशालकाय मगरमच्छ, 

What they thought was dry wood turned out to be a 10 feet long giant crocodile.

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जिसे समझ रहे थे सूखी लकड़ी वह निकला 10 फीट का विशालकाय मगरमच्छ, 

अम्बाह फॉरेस्ट टीम ने मुरैना के सुखध्यान का पुरा में 10 फीट लंबे मगरच्छ का किया रेस्क्यू, उसे सुरक्षित चम्बल नदी में छोड़ा.

crocodile found Ambah district

मुरैना: चंबल नदी का जलस्तर बढ़ते ही उसमें पलने वाले मगरमच्छ अब निकलकर गांवों में घुसने लगे हैं. ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने शनिवार की दोपहर सुखध्यान का पुरा गांव में 10 फीट लंबे मगरच्छ का 5 घंटे तक रेस्क्यू किया. मगरमच्छ को रस्सियों से बांधा और उसे पुनः सुरक्षित चंबल नदी में छोड़ दिया. मामला अम्बाह जनपद का बताया गया है. गांव में मगरमच्छ घुसने की खबर लगते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई.

सुखध्यान के पुरा गांव में घुस आया एक 10 फीट लंबा मगरमच्छ

चंबल अंचल में झमाझम बारिश होने से नदी का जल स्तर बढ़ता जा रहा है. नदी के लबालब होने से उसमें पल रहे मगरमच्छ खार नालों से होते हुए गांवों में घुसने लगे हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. शनिवार को अम्बाह रेंज फॉरेस्ट विभाग की टीम को सूचना मिली कि अम्बाह जनपद के सुखध्यान के पुरा गांव में एक 10 फीट लंबा विशालकाय मगरमच्छ घुस आया है. जिसे देख ग्रामीण दहशत में है. खबर लगते ही फॉरेस्ट विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई.

दस फीट लंबा मगरमच्छ करीब 4 क्विंटल वजनी था, जो नदी अथवा गांव के तालाब से निकलकर गांव में पहुंच गया था. टीम ने ग्रामीणों की मदद से 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ का रेस्क्यू कर उसे रस्सी में बांध लिया. इसके बाद उसे वाहन में रखकर चंबल नदी के उसेतघाट किनारे ले गए, यहां उसे पुनः सुरक्षित नदी में छोड़ दिया गया.

crocodile found Ambah district
crocodile found Ambah district

सुखध्यान का पुरा गांव के ग्रामीण राकेश सिंह ने बताया “जब मेरी निगाह मगरमच्छ पर पड़ी तो मटमैला होने की वजह से मैंने इसे लकड़ी का टुकड़ा समझा. लेकिन उसमें हलचल होने पर समझ में आया कि यह तो मगरमच्छ है. उसके बाद वन विभाग की टीम को सूचना दी गई.” इस मामले में रेंजर वन परिक्षेत्र अंबाह वीरकुमार टिर्की ने बताया “ग्रामीणों की सूचना पर हमारी टीम के एक्सपर्ट साथी मौके पर पहुंचे और उन्होंने 5 घंटे परिश्रम कर मगरमच्छ को काबू में कर सुरक्षित चंबल नदी में छोड़ा.”

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