पश्चिम मध्य रेल ने 8 माह में पूरा किया 291 किमी ट्रैक नवीनीकरण का कार्य

पश्चिम मध्य रेल ने 8 माह में पूरा किया 291 किमी ट्रैक नवीनीकरण का कार्य
भोपाल, यशभारत। पश्चिम मध्य रेल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों की निर्बाध गति सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक नवीनीकरण का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरुआती आठ महीनों (अप्रैल से नवंबर) में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान 291.03 किलोमीटर ट्रैक पर नई रेल बिछाने का कार्य पूरा किया गया है। साथ ही 184.26 किलोमीटर ट्रैक पर पुराने स्लीपरों को बदलकर नए स्लीपर लगाए गए हैं। ट्रैक की मजबूती के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली ‘डीप स्क्रीनिंग’ का कार्य भी 447.85 किलोमीटर क्षेत्र में पूरा कर लिया गया है।
ट्रैफिक ब्लॉक के बीच सघन अभियान
रेलवे प्रशासन ने बताया कि ये सभी कार्य सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं, जिन्हें निर्धारित ‘ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान पूरी सावधानी और उच्च मानकों के साथ निष्पादित किया गया। ट्रैक रिन्यूअल के अंतर्गत सी.टी.आर. (कम्पलीट ट्रैक रिन्यूअल) और टी.टी.आर. (थ्रू टर्न आउट रिन्यूअल) जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस दौरान 347 यूनिट्स टर्नआउट का नवीनीकरण भी किया गया।
मजबूत ट्रैक से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ट्रैक की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। रेलवे का मानना है कि इन कार्यों से न केवल पटरियों की आयु बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने और परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। पश्चिम मध्य रेल अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







