एमपी में मौसम का यू-टर्न: बादलों की ओट में छिपी ठंड, 22 जनवरी से मावठे के आसार

एमपी में मौसम का यू-टर्न: बादलों की ओट में छिपी ठंड, 22 जनवरी से मावठे के आसार
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के ऊपर सक्रिय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पाकिस्तान से आ रहे पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) ने हवाओं का रुख मोड़ दिया है। इसके प्रभाव से राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों ने डेरा डाल लिया है, जिससे न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और लोगों को ठिठुरन से मामूली राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और 22-23 जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मावठा (हल्की बारिश) गिर सकता है।
दो नए पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएंगे हलचल मौसम
वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 19 और 21 जनवरी की रात से दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं। इनका सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। इसके चलते आने वाले दो-तीन दिनों में आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की स्थिति बनेगी। बारिश के बाद एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी, जिससे जनवरी के अंत में पारा और गिर सकता है।
सोमवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया और बुंदेलखंड के जिलों (छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़) में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। भोपाल और इंदौर में भी दृश्यता कम रही, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि सुबह के वक्त कोहरे का यह सिलसिला अभी जारी रहेगा। इस साल की सर्दी ने प्रदेश में ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। नवंबर में जहां 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, वहीं दिसंबर ने 25 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। भोपाल में भी पिछले 10 साल की सबसे कड़ी ठंड दर्ज की गई है। कई जिलों में तापमान शून्य के करीब पहुंच चुका है, जो इस दशक की सबसे विषम परिस्थितियों में से एक है।
तापमान का हाल: शहडोल सबसे ठंडा
कल्याणपुर (शहडोल): 3.7°C (प्रदेश में सबसे कम)
खजुराहो: 5.8°C
पचमढ़ी: 6.8°C
भोपाल: 11.0°C
इंदौर: 12.0°C
जबलपुर: 10.5°C







