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राजस्थान की रुदालियों का अपग्रेड वर्जन आया, ऑनलाइन बिजनेस स्टार्टअप के जरिए मुहैया हो रहीं रुदालियां

मुंडन कराने वालों से लेकर तेरहवीं के लिए ब्राम्हण भी कराते हैं उपलब्ध
जोधपुर, एजेंसी। राजस्थान में जमींदारों और राजघरानों में किसी के निधन पर रूदालियों को बुलाने की परंपरा काफी पुरानी है। समय के साथ यह रिवायतें जरूर बदल गईं लेकिन अब आज के जमाने में ऑनलाइन बिजनेस स्टार्टअप का क्रेज काफी बढ़ गया है। 4 से 5 क्लिक करके मनपसंद चीज ऑर्डर करो और 2 से 3 दिन वह घर पहुंच जाती है। लेकिन कभी रोने के लिए महिलाएं और सिर मुंडवाने के लिए लोग ऑनलाइन ऑर्डर किए हैं। जी हां, देश में अंतिम संस्कार कराने को लेकर भी एक स्टार्टअप है, जहां मैयत पर रोने वाली महिलाएं और सिर मुंडवाने वाले लोग आसानी से ऑर्डर पर मिल जाते हैं। बस ऑर्डर करो, पैसे भरो, मौके पर लोग पहुंच जाएंगे।

राजस्थान के जोधपुर में एक अनोखा मामला सामने आया। एक एनआरआई बेटे ने पिता की मौत से पहले रोने वाली महिलाओं और सिर मुंडवाने वाले लोगों की ऑनलाइन बुकिंग कराई है। यह बिजनेस जोधपुर के एक शख्स गजेंद्र पारीक (47) ने शुरू किया है, जो 60 हजार से 1.50 लाख रुपये में लोगों को सर्विस प्रोवाइड कराते हैं और गरीबो की फ्री सेवा करते हैं।
हिंदू-मुस्लिम दोनों अंतिम क्रियाएं कराते हैं

जब स्टार्टअप के बारे में पता चला तो एक शख्स ने एनआरआई फैमिली मेंबर बनकर कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया। किसी परिचित के अंतिम संस्कार के लिए 7 लोगों की जरूरत बताते हुए कहा कि रोने से लेकर मुंडन तक सारा काम करवाना है, कितने पैसे लगेंगे? कंपनी कर्मचारी ने बताया कि अभी उनके पास केवल 5 मेंबर ही उपलब्ध हैं। एक टीम अभी शहर में सर्विस देने गई है। उन्होंने हर सर्विस का पैकेज डिस्कस किया और एड्रेस मांगा। यकीन होने के बाद जोधपुर के राइकाबाग स्थित ’अंतिम सत्य्य कंपनी के ऑफिस पहुंचे और उन्हें अपनी पहचान बताई तो उन्होंने इस अनोखी सर्विस की शुरुआत की कहानी बताई। आपको विश्वास हो न हो, लेकिन जोधपुर का अंतिम सत्य नाम का स्टार्टअप अस्पताल से शव लाने, अर्थी सजाने, आखिरी स्नान कराने, अंतिम संस्कार से लेकर, मुंडन कराने तक की सर्विस देता है। इतना ही नहीं, परिवार में रोने वाले न हों तो वह भी उपलब्ध कराते हैं। हिंदू हो या मुस्लिम, दोनों की रीतियों के हिसाब से स्टार्टअप सर्विस देता है।
कंपनी कर्मचारी से ऐसे हुई फोन पर बातचीत
फोन कॉल – हमारे पड़ोसी बहुत बीमार हैं, कभी भी उनका निधन हो सकता है। उनका बेटा अमेरिका में है, वह अंतिम संस्कार के लिए नहीं आ सकता। आपकी कंपनी अंतिम संस्कार कराने का क्या चार्ज लेगी? मुखाग्नि भी आपके स्टाफ को देनी होगी।

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Yash Bharat

Editor With मीडिया के क्षेत्र में करीब 5 साल का अनुभव प्राप्त है। Yash Bharat न्यूज पेपर से करियर की शुरुआत की, जहां 1 साल कंटेंट राइटिंग और पेज डिजाइनिंग पर काम किया। यहां बिजनेस, ऑटो, नेशनल और इंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रहे हैं।

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