सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर लगाई रोक, पुराने नियम रहेंगे बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर लगाई रोक, पुराने नियम रहेंगे बहाल
भोपाल, यशभारत। उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और भेदभाव रोकने के लिए लाए गए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने ‘UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026’ पर अंतरिम रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि आगामी आदेश तक 2012 के पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इन नए नियमों में स्पष्टता की भारी कमी है। पीठ ने टिप्पणी की, “नियमों की शब्दावली ऐसी है जिससे उनके दुरुपयोग का जोखिम बढ़ जाता है। बिना स्पष्ट परिभाषा के इन नियमों को लागू करना संस्थानों में अराजकता पैदा कर सकता है।” अदालत ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि वे विशेषज्ञों की एक समिति गठित करें, जो इन नियमों की समीक्षा कर एक संतुलित ढांचा तैयार कर सके।
क्यों हो रहा है विरोध?
बता दें कि 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित इन नियमों के तहत हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एक इक्विटी कमेटी’और विवाद निपटान तंत्र बनाना अनिवार्य किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने इसे अदालत में चुनौती देते हुए दलील दी कि ये नियम जाति-आधारित और एकतरफा हैं। इनसे सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ भेदभाव होने की संभावना है। नियमों में ‘असामान्य’ प्रावधान हैं जो संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करते हैं।
19 मार्च को अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी। तब तक देश भर के विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी नए बदलाव के बजाय 2012 के दिशानिर्देशों का ही पालन करें।







