
जबलपुर,यशभारत। हर साल 9 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व डाक दिवस आज शहर में भी सादगी और सार्थकता के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन न सिर्फ डाक सेवाओं के ऐतिहासिक योगदान को याद करने का अवसर है, बल्कि यह भी देखने का मौका है कि कैसे डाक सेवाएं बदलते समय में खुद को नए रूप में ढाल रही हैं।
शहर के मुख्य डाकघर (हेड पोस्ट ऑफिस), गोरखपुर, अधारताल, कटंगा, और कैंट क्षेत्रों में डाक विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।, जहां डाक सेवा के आधुनिक उपयोग जैसे स्पीड पोस्ट, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी, और आधार सेवाओं पर चर्चा की गई।
वरिष्ठ अधीक्षक डाकघर, जबलपुर मंडल ने बताया कि –“डिजिटल युग में भी डाक विभाग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक मजबूत माध्यम बना हुआ है। खासकर बुजुर्गों और ग्रामीण आबादी के लिए यह आज भी विश्वास का प्रतीक है।”
डाकिए से डिजिटल पोस्टमैन तक की यात्रा
जहां पहले डाकिया केवल पत्र पहुंचाने वाला होता था, वहीं अब वह बैंकिंग, बीमा, सरकारी योजनाओं की जानकारी और दस्तावेज प्रमाणन जैसे काम भी कर रहा है।आज जब टेक्नोलॉजी ने संचार के साधनों को बदल दिया है, तब भी डाक विभाग अपनी विश्वसनीयता और पहुंच के दम पर आज भी मजबूत खड़ा है। ‘हर घर डाकिया, हर हाथ मोबाइल बैंक’ जैसे अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।







