युद्ध की आंच पहुंची रसोई तक, घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा

युद्ध की आंच पहुंची रसोई तक, घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा
– व्यावसायिक सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी, बढ़ते वैश्विक तनाव का असर
भोपाल, यश भारत । घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित होने लगा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं व्यावसायिक उपयोग में आने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा किया गया है।
गैस कंपनियों द्वारा की गई इस बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। घरेलू रसोई गैस के महंगे होने से परिवारों के मासिक खर्च में बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है। वहीं व्यावसायिक सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। खासतौर पर ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने लगा है। इस वजह से कई देशों में ईंधन की कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही है और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ जाती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी आ जाती है, जिसका असर आयात करने वाले देशों की घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।
हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए समय-समय पर नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से महंगाई को लेकर आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे में रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।







