संजीवनी क्लिनिक के बाहर कचरे के ढेर से मरीजों की सेहत पर खतरा
खुद बीमारी का केंद्र बन रहा है

जबलपुर,यशभारत। जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के भान तलैया स्थित शासकीय स्कूल परिसर में बनाए गए संजीवनी क्लिनिक के हालात बेहद बदहाल नजर आ रहे हैं। क्लिनिक के मुख्य गेट के सामने कचरे का अंबार लगा हुआ है, वहीं परिसर की बाउंड्री वॉल भी जगह-जगह से टूटी हुई है। इससे न केवल अव्यवस्था फैल रही है, बल्कि इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संजीवनी क्लिनिक गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए खोला गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण यह खुद बीमारी का केंद्र बनता जा रहा है। खुले में पड़ा कचरा, बदबू और टूटे परिसर के कारण आवारा जानवरों का भी जमावड़ा रहता है, जिससे मरीजों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्लिनिक में इलाज कराने आने वाले मरीजों ने बताया कि साफ-सफाई के अभाव में यहां बैठना तक मुश्किल हो गया है। बरसात या नमी के समय मच्छरों और गंदगी के कारण संक्रमण फैलने की आशंका और बढ़ जाती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का पक्ष
इस मामले में संयुक्त स्वास्थ्य संचालक डॉ. संजय मिश्रा ने कहा कि संजीवनी क्लिनिक में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना संबंधित इकाई की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वीकार किया कि मामला संज्ञान में आया है और जल्द ही निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। कचरा हटाने और बाउंड्री वॉल की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
फिलहाल, संजीवनी क्लिनिक की यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। जिस योजना का उद्देश्य आमजन को सुलभ और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा देना था, वही लापरवाही के कारण मरीजों की सेहत के लिए खतरा बनती नजर आ रही है।







