श्रोताओ के हृदय में गूंजती रही “जय श्रीकृष्ण” की गूंज
द्वारका नगर में श्रीमद् भागवत कथा हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न

जबलपुर,यशभारत। नायक निवास, द्वारका नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का समापन दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। वृंदावन धाम से पधारे संत कवि चंद्र दास जी महाराज ने अपने दिव्य वाणी और भावपूर्ण कथन से कथा को अविस्मरणीय बना दिया। संत गुरु महाराज के प्रवचनों में श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ-साथ समाज में व्याप्त कुरीतियों का गहन विश्लेषण किया गया। उन्होंने श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला को जीवन से जोड़ते हुए बताया कि “ईश्वर की प्रत्येक लीला समाज के कल्याण और सुधार का संदेश देती है।”

इस सप्ताहव्यापी कथा महोत्सव के दौरान संत जी ने अपने शिष्यों को सरस्वती मंत्र एवं गुरु मंत्र दीक्षा प्रदान कर उन्हें आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर होने का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में संत जी का स्वागत नगर के प्रमुख गणमान्य नागरिकों — न्यूरोसर्जन डॉ. पांसे जी, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दिलीप तिवारी जी, आर.एस.एस. के संघ प्रचारक, भाजपा के महासचिव सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया।
कथा के मुख्य यजमान श्री गौरीशंकर नायक एवं श्रीमती मिथलेश नायक रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अतुल–अनुप्रिया नायक, अमित–प्रतिभा नायक, पूजा–मनीष तिवारी, श्वेता–श्रीकृष्ण श्रोत्री, अभिषेक–स्वाति नायक, तथा युवा सहयोगी मानस, श्रेष्ठ, आराध्य, अथर्व, अर्जित एवं सभी धर्मप्रेमी जनों का विशेष योगदान रहा।







