भोपाल

राजधानी फिर हुई शर्मसार: होटल में 12वीं की छात्रा से गैंगरेप, गर्भवती होने पर हुआ खुलासा -पुलिस ने सनसनीखेज घटना पर पर्दा डालने का किया प्रयास

राजधानी फिर हुई शर्मसार:
होटल में 12वीं की छात्रा से गैंगरेप, गर्भवती होने पर हुआ खुलासा
-पुलिस ने सनसनीखेज घटना पर पर्दा डालने का किया प्रयास, गुपचुप तरीके से एफआईआर कर आरोपियों को किया गिरफ्तार
भोपाल, यशभारत।
राजधानी में एक बार फिर शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के कोलार इलाके में स्थित एक होटल में कक्षा 12वीं की एक छात्रा के साथ गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गैंगरेप का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पीडि़ता गर्भवती हो गई। शिकायत मिलने के बाद कोलार पुलिस ने मामले पर पर्दा डालने के लिए गुपचुप तरीके से दो आरोपियों के साथ एक महिला और होटल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया। इस पूरे मामले को मीडिया से छिपाने पर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होते हैं।
जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय किशोरी कक्षा 12वीं की छात्रा है। सूत्रों की माने तो पीडि़ता के परिचित प्रणय रायबोले के माध्यम से उसकी पहचान त्रिलंगा में रहने वाले सुमित उपाध्याय से हुई थी। प्रणय रायबोले ने पीडि़ता को जून 2025 में फोन कर बर्थडे पार्टी में शामिल होने के लिए राजहर्ष कॉलोनी स्थित आरव्ही पैलेस बुलाया था। इस होटल के संचालक अमित वर्मा हैं। होटल में पीड़िता पहुंची तो वहां सुमित उपाध्याय और प्रणय रायबोले ने उनके साथ गैंगरेप किया।

थाना प्रभारी ने दी सफाई-
कोलार रोड थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि नाबालिग के मामले में अपहरण का केस दर्ज किया गया था, अगले दिन उसे दस्तयाब कर लिया गया। पीडि़ता का मेडिकल कराया गया तो वह एक माह की गर्भवती निकली। पुलिस ने जब उसके 164 के बयान दर्ज किया तो पता चला कि दो युवकों द्वारा होटल में बुलाकर उसके साथ रेप किया गया था। घटना के बाद आरोपियों ने अपनी महिला मित्र नित्या ठाकरे को पीडि़ता के पास भेजा। वह उसको कार से उठाकर अपने साथ महाबली नगर स्थित एक किराए के कमरे में ले आई। यहां से उसने पिता को मैसेज किया था। जिसके बाद यह पूरा मामला उजागर हुआ। थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में होटल संचालक अमित वर्मा और नित्या ठाकरे को भी आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। घटना को छिपाने की बात पूरी तरह से गलत है, जैसे की घटना हुई पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।

पुलिस ने गैंग रेप छिपाने ऐसे चलाया दिमाग:-
सूत्रों ने बताया कि गैंगरेप पीडि़ता ने गर्भवती होने के बाद अपने परिजनों को आपबीती सुनाई थी। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे थे। चूंकि मामला एक नाबालिग से गैंगरेप और उसके गर्भवती होने का था, इसलिए पुलिस ने अपना दिमाग लगाया, जिससे कि पूरा मामला दब जाए और पुलिस की किरकिरी भी न हो। इस मामले को मीडिया से छिपाने के लिए अपहरण से लेकर वारदात में सभी आरोपियों की भूमिका तय की गई। इसलिए इस मामले में पुलिस ने झांसा देकर अगवा करने का प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में नाबालिग को दस्तयाब करना बताया गया। उसके बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गैंगरेप, बंधक बनाने, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। जबकि कोलार थाना में 21 अगस्त की रात साढ़े दस बजे गुमशुदगी दर्ज हुई थी। जिसके बाद ही कोलार थाना पुलिस ने ही बारह मिनट बाद ही अपहरण का भी प्रकरण दर्ज कर लिया। उसके बाद बलात्कार समेत अन्य धाराओं को अपने हिसाब से दर्ज किया गया, ताकि आला अफसरों व मीडिया को इस सनसनीखेज वारदात का पता न चले।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button