भोपाल के पास 300 साल पुराना कंकाली माता मंदिर बना आस्था और रहस्य का केंद्र

भोपाल के पास 300 साल पुराना कंकाली माता मंदिर बना आस्था और रहस्य का केंद्र
भोपाल यश भारत । राजधानी से करीब 18-20 किलोमीटर दूर रायसेन रोड स्थित गुदावल गांव में बना कंकाली माता मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लगभग 300,400 वर्ष पुराने इस मंदिर को चमत्कारी स्थल के रूप में जाना जाता है, जहां आस्था और रहस्य का अनोखा संगम देखने को मिलता है। मंदिर की स्थापना वर्ष 1731 के आसपास गुदावल गांव के निवासी हरलाल मीणा द्वारा की गई थी। मान्यता के अनुसार, उन्हें माता के स्वप्न में दर्शन हुए थे, जिसके बाद यहां खुदाई कराई गई। खुदाई के दौरान माँ काली की प्राचीन प्रतिमा प्रकट हुई, जिसे मंदिर में स्थापित किया गया। इस मंदिर की सबसे खास बात यहाँ विराजमान माँ काली की 20 भुजाओं वाली प्रतिमा है, जिसकी गर्दन झुकी हुई दिखाई देती है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि नवरात्र के दौरान यह झुकी हुई गर्दन अपने आप सीधी हो जाती है, जिसे एक चमत्कार के रूप में देखा जाता है।
माता को “कंकाली” नाम उनकी प्रतिमा में दिखाई देने वाली नरकंकालों की माला के कारण मिला। यह स्वरूप तंत्र साधना से भी जुड़ा माना जाता है, जिसके चलते यह स्थान तांत्रिक साधकों के बीच भी प्रसिद्ध है। मंदिर में श्रद्धालुओं के बीच विशेष मान्यता है कि यहाँ मनोकामना पूर्ण होने पर धागा बांधा जाता है और उल्टा-सीधा साथिया (हाथिया) बनाया जाता है। दूर-दूर से आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के साथ इन परंपराओं का पालन करते हैं।
कंकाली माता मंदिर न केवल भोपाल बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।







