भोपाल रेलवे कॉलोनी में तनाव: ‘आधी रात आस्था पर प्रहार’! प्राचीन शिव मंदिर तोड़ा

भोपाल रेलवे कॉलोनी में तनाव: ‘आधी रात आस्था पर प्रहार’! प्राचीन शिव मंदिर तोड़ा
कंपनी ने माफी मांगकर ‘डैमेज कंट्रोल’ शुरू किया
भोपाल, यशभारत। भोपाल की पश्चिम रेलवे कॉलोनी में शुक्रवार देर रात एक प्राचीन शिव मंदिर को जेसीबी से ढहाए जाने की घटना के बाद शनिवार को शहर में बड़ा धार्मिक और राजनीतिक तनाव उत्पन्न हो गया। हिंदू संगठनों ने इसे “आधी रात आस्था पर प्रहार” करार दिया है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर उग्र प्रदर्शन किया और इस विध्वंस के लिए जिम्मेदार रेलवे अधिकारियों तथा ठेकेदार कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अंधेरे में ढहाया वर्षों पुराना आस्था का केंद्र
पंचमुखी हनुमान मंदिर के पीछे स्थित यह शिव मंदिर वर्षों से स्थानीय वाल्मीकि समाज और अन्य निवासियों के लिए आस्था का केंद्र रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार की रात (24 अक्टूबर) को रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत से समदरिया ग्रुप के प्रतिनिधियों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए जेसीबी से मंदिर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
श्रद्धालुओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि न तो कोई पूर्व नोटिस दिया गया और न ही विधिवत तरीके से मूर्तियों को हटाया गया। मूर्तियों को खंडित कर कचरे की तरह फेंकने से समुदाय की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।
विहिप-बजरंग दल ने जीआरपी में थाने में शिकायत अवेदन दिया
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। विहिप और बजरंग दल ने संयुक्त रूप से जीआरपी थाना प्रभारी, भोपाल को लिखित शिकायत सौंपकर मांग की है कि:
मंदिर तोड़ने की साजिश रचने वाले अधिकारियों और कंपनी के जिम्मेदारों पर धारा 295 (पूजा स्थल को अपवित्र करना) के तहत मुकदमा दर्ज हो।
विध्वंस में इस्तेमाल हुई जेसीबी मशीन को जब्त किया जाए।
मंदिर को अविलंब मूल स्वरूप में पुन: निर्मित किया जाए।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन और तेज़ किया जाएगा।
ठेकेदार कंपनी ने झुकाया सिर: ‘अनजाने में हुई गलती’
बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए, निर्माण कार्य की ज़िम्मेदारी संभाल रही समदरिया बिल्डर्स (भोपाल) प्राइवेट लिमिटेड ने ‘डैमेज कंट्रोल’ शुरू कर दिया है। कंपनी ने एक पत्र जारी कर हिंदू समाज से माफ़ी मांगी और घटना को “अनजाने में हुई गलती” बताया। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि मंदिर, चबूतरा और शिवलिंग का पुनर्निर्माण कार्य कल यानी 26 अक्टूबर (रविवार) सुबह 9 बजे से ही शुरू कर दिया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस बल की तैनाती के साथ मौके पर स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हिंदू संगठनों का कहना है कि वे केवल पुनर्निर्माण से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई चाहते हैं।







