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शिवराज की संघ प्रमुख से मुलाकात के मायने तलाशते समर्थक

क्या बनेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष शहर में चर्चाएं

जबलपुर यश भारत। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की संघ प्रमुख मोहन भागवत से हुई मुलाकात का लोग अपने-अपने तरीके से आकलन कर रहे हैं। शहर में शिवराज समर्थकों की बड़ी फौज है और जब से यह खबर सामने आई है उनके समर्थकों में इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि क्या शिवराज सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौपी जा सकती है। शहर के राजनीतिक गलियारों में व्याप्त चर्चाओं के मुताबिक लोग इस मुलाकात को राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। अब इन चर्चाओं में कितना वजन है यह तो आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन एक बात तो साफ जाहिर होती है कि जिस तरह से यह मुलाकात हुई है कहीं ना कहीं भविष्य में इसके कुछ मायने जरूर निकलेंगे। गौरतलब है कि श्री चौहान ने पिछले दिनों संघ प्रमुख मोहन भगवत से ना केवल मुलाकात की बल्कि दोनों के बीच करीब पौन घंटे की लंबी बातचीत भी हुई। बातचीत किस संदर्भ में हुई यह तो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन इस मुलाकात के बाद से ही कयासों का दौर जरूर शुरू हो गया है।

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चर्चाओं का एक एंगल यह भी

शहर के राजनीतिक गलियारों खासकर भाजपा में व्याप्त चर्चाओं का एक एंगल यह भी है कि पिछले दिनों वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का दो दिवसीय नगर प्रवास हुआ और जिस तरह का तामझाम संगठन के द्वारा दिखाई दिया कहीं वह राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी विदाई के पहले का तो नहीं था राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते इसके पूर्व भी श्री नड्डा जबलपुर आए हैं लेकिन जितना तामझाम इस बार देखा गया पूर्व में नजर नहीं आया।

उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद हो सकती है राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा

आगामी 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति के चुनाव प्रस्तावित हैं और जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं उसके मुताबिक पार्टी संगठन के द्वारा किसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया भी पुरी की जाएगी। शायद यह पहला मौका है जब भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया में इतना विलंब हुआ हो। आल्हा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अलग-अलग समय पर अनेक नाम सामने आते रहे हैं जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का भी नाम शामिल रहा है ऐसे में इस बात पर इनकार नहीं किया जा सकता की हो सकता है आने वाले समय में पार्टी उनकी ताजपोसी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कर दे। शिवराज को संगठन का अच्छा खासा अनुभव है विद्यार्थी परिषद हो या युवा मोर्चा या प्रदेश व राष्ट्रीय संगठन की बात उनकी घुसपैठ और कार्यकर्ताओं से उनका संपर्क किसी से छिपा नहीं है ऐसे में सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष के एक शसक्त दावेदार तो है ही।

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