रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के छात्रों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, डॉ. रुद्रिका भटेले बनीं प्रदेश टॉपर
केवल दो फैकल्टी, फिर भी असाधारण उपलब्धियाँ

जबलपुर, यशभारत।नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के School of Excellence in Pulmonary Medicine के अंतर्गत संचालित रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने एक बार फिर अपनी अकादमिक श्रेष्ठता साबित की है। विभाग की छात्रा डॉ. रुद्रिका भटेले ने एम.डी. रेस्पिरेटरी मेडिसिन की फाइनल परीक्षा में 91.25 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल कॉलेज बल्कि पूरे संभाग के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. रुद्रिका की यह ऐतिहासिक सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ-साथ विभाग के सशक्त शिक्षण वातावरण और फैकल्टी के निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम मानी जा रही है। विभाग के अन्य छात्र भी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. राघव सरीन ने राज्य व राष्ट्रीय मेडिकल क्विज़ प्रतियोगिताओं में पुरस्कार अर्जित कर विभाग की अकादमिक सशक्तता को और मजबूत किया है।
केवल दो फैकल्टी, फिर भी असाधारण उपलब्धियाँ
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की खास पहचान यह है कि केवल दो फैकल्टी सदस्यों के बावजूद यह विभाग सेवा, शिक्षण और शोध—तीनों क्षेत्रों में मिसाल कायम किए हुए है। यहाँ भर्ती होने वाले अधिकांश मरीज अत्यंत गंभीर अवस्था में होते हैं। कई मरीज जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करते हुए कैज़ुअल्टी के माध्यम से विभाग तक पहुंचते हैं। इसके बावजूद चिकित्सक दिन-रात अथक परिश्रम कर मरीजों के उपचार में जुटे रहते हैं। विभाग के वार्ड प्रायः पूर्ण रहते हैं, जो कार्यभार और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
प्रदेश में सर्वाधिक ब्रोंकोस्कोपी और थोराकोस्कोपी
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में जबलपुर में सबसे अधिक ब्रोंकोस्कोपी और थोराकोस्कोपी जांचें की जाती हैं। इससे टीबी, फेफड़ों का कैंसर, सारकॉइडोसिस सहित अन्य जटिल श्वास रोगों का सटीक निदान संभव हो पाता है। कई ऐसे मरीज, जिन्हें अन्यत्र टीबी बताकर उपचार दिया जा रहा था, यहां सही रोग की पहचान होने से नई जिंदगी पा सके हैं।
शिक्षण और शोध में भी अग्रणी
चिकित्सा सेवा के साथ-साथ विभाग शिक्षण और शोध में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद फैकल्टी एम.डी. विद्यार्थियों को समर्पित समय देती है, उन्हें शोध, अकादमिक गतिविधियों और कौशल विकास के लिए लगातार प्रेरित करती है। सीमित संसाधन, भारी रोगी भार और निरंतर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जबलपुर का रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग आज न केवल गंभीर रोगियों की जान बचा रहा है, बल्कि उत्कृष्ट चिकित्सक तैयार कर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सशक्त आधार प्रदान कर रहा है।







