जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

डीईओ कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल समाप्तः कार्यालय को वापस दिए डीडीओ पावर

डीईओ कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल समाप्तः कार्यालय को वापस दिए डीडीओ पावर

जबलपुर, यशभारत। बीते 5 माह से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी सहित अनुदान प्राप्त संस्थान के लोगों को वेतन नहीं मिल रहा था। वेतन पाने के लिए कर्मचारी-अधिकारियों ने नेता से लेकर अधिकारियों तक के यहां दस्तक दी परंतु कहीं उनकी सुनवाई नहीं हुई। बीते दिनों से डीईओ आॅफिस के कर्मचारी-अधिकारियों सहित आउटसोर्स स्टाफ ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल को देखकर स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्यालय को दोबारा डीडीओ पावर देने के आदेश जारी कर दिए। आदेश जारी होते ही हड ़ताल पर गए कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर एक दूसरे को मिठाई खिलाई।

उल्लेखनीय है कि दो दिन से हड़ताल कर रहे हैं कर्मचारियों का कहना था कि विभाग ने  कार्यालय का डीडीओ ब्लॉक कर दिया वित्त विभाग द्वारा जिसके कारण कार्यालय कर्मचारी-अधिकारी सहित अनुदान प्राप्त शिक्षकों का वेतन नहीं हो पा रहा था। इस मामले में अधिकारी-कर्मचारियों ने कहा कि काफी शासन का पर्याप्त सहयोग किया लेकिन अब स्थिति सहयोग से बाहर हो गई थी जिसे हड़ताल पर जाना मजबूरी हो गई।

ये था मामला
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि जबलपुर में पूर्व में पदस्थ रहे डीईओ एसके नेमा से जुड़े एक अवमानना प्रकरण के कारण आयुक्त कोष एवं लेखा भोपाल के द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण का पत्र प्रेषित कर जबलपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आहरण संवितरण (डीडीओ) कोड पर रोक लगा दी गई है। जबकि वर्तमान में एसके नेमा दमोह में पदस्थ है। दरअसल पूनम मालवीय एवं अन्य को तत्कालीन डीईओ ने वर्ष २०१९ मे क्रमोन्नति का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद इनका प्रकरण संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा के पास अनुमोदन हेतु गया। संयुक्त संचालक कोष लेखा ने डीईओ के आदेश को गलत माना क्योंकि पदोन्नति से इंकार करने के कारण क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिया जा सकता था।

पूनम मालवीय ने इसके विरुद्ध न्यायालय की शरण ली, जिस पर न्यायालय ने कोष लेखा को क्रमोन्नति देने कहा। संयुक्त संचालक कोष लेखा द्वारा तत्कालीन डीईओ के गलत आदेश को देखते हुए क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिया। अवमानना याचिका दायर की जिस पर न्यायालय ने कोष लेखा के अधिकारियो को तत्काल लाभ देने कहा गया। कोष लेखा विभाग की ओर से वित्त विभाग से अनुमति लेकर पूनम मालवीय को भुगतान किया गया। आयुक्त कोष एवं लेखा के द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण को पत्र प्रेषित कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जबलपुर के डीडीओ कोड पर रोक लगी दी गई जबकि गफलत पूर्व डीईओ ने की थी वहीं उक्त प्रकरण नवंबर मे समाप्त हो चुका है। कर्मचारियों ने तत्काल डीडीओ कोड बहाल करने की मांग की है।

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Yash Bharat

Editor With मीडिया के क्षेत्र में करीब 5 साल का अनुभव प्राप्त है। Yash Bharat न्यूज पेपर से करियर की शुरुआत की, जहां 1 साल कंटेंट राइटिंग और पेज डिजाइनिंग पर काम किया। यहां बिजनेस, ऑटो, नेशनल और इंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रहे हैं।

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