साहब रेट लिस्ट ही लगवा दो वही काफी है आबकारी विभाग का नया प्रपंच

जबलपुर यश भारत। आबकारी विभाग को जो काम करना चाहिए वह तो वह करता नहीं है लेकिन अपने आप को एक्टिव और स्मार्ट दिखाने के चक्कर में नित्य नई प्रपंच जरूर गढ़ लेता है। ऐसा ही एक प्रपंच इन दिनों जिले की ओर शहर की शराब दुकानों में नजर आ रहा है। शराब दुकानों में ओवर रेटिंग को रोकने के लिए अब विभाग के द्वारा क्यूआर कोड लगवाए जा रहे हैं। विभाग की यह कवायद सुविधा का मजाक ज्यादा नजर आती है। इस कवायद के पीछेआबकारी विभाग का मानना है कि इससे शराब की ओवर रेटिंग पर प्रभावी अंकुश लगेगा। अब विभाग को कौन समझाए कि उसकी इस कवायद से कुछ खास नहीं होने वाला। दुकानदार शराब की ज्यादा या कम कीमत ना ले सकें, इसलिए अब दुकानों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिसे स्कैन करने बाद आप शराब की कीमत जान सकेंगें, लेकिन इस कीमत को जानने के लिए इतने विकल्प चुनना पड़ेंगे कि शराब की बोतल खरीदने से पहले ही पियक्कड़ों के नशे उड़ जाएंगे। स्मार्ट बनने के चक्कर में आबकारी विभाग की यह व्यवस्था शराब की कीमत पता करने को और जटिल बना रही है। आबकारी विभाग द्वारा जारी किए गए कोड को स्कैन करने पर एक पेज खुलेगा, जहां कई विकल्पों का चयन करने के बाद आपको शराब की एमआरपी (मेक्जीमम रिटेल प्राइज) और एमएसपी (मिनिमम सेलिंग प्राइज) पता चल सकेगी।
हालांकि इस व्यवस्था लागू होते ही सवालों के घेरे में है, क्योंकि पहले से शराब दुकानदारों को दुकानों में शराब की रेट लिस्ट लगाने के निर्देश हैं। साथ ही शासन के पैकेजिंग नियम के तहत बॉटलों पर एमआरपी और एमएसपी लिखना पहले से ही अनिवार्य है, जिसका पूरी तरह पालन भी हो रहा है। ऐसी स्थिति में कीमत पता करने के लिए इतने प्रपंच करने के बजाए बॉटल उठाकर सिर्फ कीमत देखना कहीं ज्यादा आसान है। दुकानदार अगर किमत कम या ज्यादा ले रहा है तो बॉटल दिखाकर ही उस पर आपत्ति ली जा सकती है और इसी आधार पर उसकी शिकायत भी की जा सकती है। ऐसी स्थिति में क्यूआर कोड व्यवस्था सिर्फ टाइमपास से ज्यादा कुछ नहीं है।
आबकारी विभाग ने जो क्यूआर कोड तैयार किया गया है, जिसे हर शराब दुकान पर लगाना जरुरी है उससे शराब की कीमत पता करना आसान नहीं है। इसके लिए सबसे पहले तो आपके पास स्मार्टफोन, उसमें इंटरनेट कनेक्शन और साथ में अंग्रेजी का ज्ञान होना सबसे ज्यादा जरुरी है। इसके बाद जब आप क्यूआर कोड को स्कैन करते हैं तो ईआबकारी. एमपी.जीओवी. ईन का पेज खुलता है। इसमें सबसे पहले खुलत आपको मटेरियल ग्रुप में सिलेक्ट करना है कि आपको कौन सी शराब चाहिए, जैसे देशी, विदेशी या बियर। इसके बाद अगर आपने विदेशी चुना तो 12 विकल्प आ जाएंगे, जिसमें ब्रांडी, जीन, रम, टकिला, वोदका, व्हीस्की और वाइन जैसे कई नाम शामिल हैं। इसके बाद आप जो भी केटेगरी चुनते हैं उसमें उपलब्ध सभी शराब के नाम आ जाएंगे। इसमें आपको अपनी पसंदीदा शराब को चुनना है। तब जाकर आपको उसके मिनिएचर (90 एमएल), क्वार्टर (180 एमएल), हाफ (375 एमएल) और बॉटल (750 एमएल) की कीमत की सूची नजर आएगी। शराब से नशा करने के बजाए इतनी लंबी प्रक्रिया पहले से नशा उतारने से कम नहीं है। शराब का शौक रखने वालों में पढे-लिखों से लेकर लिवर मजदूर रिक्शा चालक हाथ ठेला वाले जैसे अनपढ़ और कम पढे लोग भी शामिल है ऐसे में बेहतर यही होगा कि यदि शराब दुकानों में बड़ी-बड़ी अक्षरों में हिंदी में केवल रेट लिस्ट लगवा दी जाए तो वही काफी होगी।







