खाए पिए कुछ नहीं गिलास तोड़े 12आना,53छात्राओं ने इज्जत के डर से दिए रुपए,8 ने कॉलेज छोड़ा सेक्सटार्शन वीडियो कॉल-70 छात्राओं ने रिसीव किया वीडियो कॉल

जबलपुर, यशभारत। मोबाइल की दुनिया ने शहर गांव सब बराबर कर दिया है। कोन कहां किससे बात कर रहा किसी को नहीं पता। अननोन वीडियो कॉल उठाना प्रतिष्ठा से खेलना हो गया है। स्थिति ये हो गई है खाए पिए कुछ नहीं गिलास तोड़े 12 आना। ये बात तब चरितार्थ शहर में तब हुई जब शहर में मानकुंवर बाई कॉलेज की 70 छात्राओं के साथ इस प्रकार का खेल खेला गया। जिसमें की 53 छात्राओं ने अपनी इज्जत बचाने के लिए पैसे डाले और 8 ने कॉलेज जाना ही बंद कर दिया। अर्थात 10 सेकेंड के अननोन वीडियो कॉल से आप का ब्लैकमेल होना तय है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ छात्राएं ही इस मामले में शिकार हुई हों। कुछ शहर के प्रतिष्ठित लोग भी इस मामले में शिकार हो चुके हैं। जिसमें कुछ में तो पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। परन्तु 80 प्रतिशत केश आज भी उलझे हुए हैं। जो सरकार के लिए सेक्सटार्शन कॉल रोकना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ था न्यूड वीडियो का खेल-मानकुँवर बाई कॉलेज की छात्रों के साथ हुए ग्रुप ब्लैकमेलिंग कांड के मामले में जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है वैसे-वैसे खुलासे भी हो रहे है। अब मामले में यह बात सामने आ रही है कि कॉलेज के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप से छात्राओं को न्यूड वीडियो बेचकर उन्हें ब्लैकमेलिंग कर उगाही करने का खेला शुरू हुआ था। गु्रप में ब्लैकमेलर का नंबर ऐड था जहां से ही छात्राओं के मोबाईल नंबर लीक हुए। हालांकि ब्लैकमेलिंग होने के बाद ग्रुप से नम्बर हटा दिया गया है लेकिन जब तक गु्रप के सारे नंबर लीक हो चुके थे। गुरूवार को दो पीडि़तों ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। शुक्रवार को कुछ और पीडि़त छात्राएं सामने आई है। मदनमहल थाना प्रभारी प्रवीण धुर्वे ने बताया कि कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप से नंबर लीक होने की जानकारी सामने आई है मोबाइल भी हैक किए गए है। सायबर सेल से जानकारी आना बाकी है। कॉलेज प्रबंधन और पीडि़त छात्राओं के बयान दर्ज किए गए है। विदित हो कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जबलपुर महानगर द्वारा ब्लैकमेलिंग कांड का खुलासा किया गया था। जिसमें दावा किया गया कि 100 से अधिक छात्राओं के मोबाइल नंबर लीक हुए है। इनमें अलग-अलग नंबर से आपत्तिजनक फर्जी कॉल और वीडियो कॉल आते हैं जहां छात्राओं से कहा जाता है कि आपकी निजी वीडियो अथवा फोटो मेरे पास हैं एवं 40 से 50 हजार रुपयों की माँग की जाती है और ना देने पर फर्जी फोटो ,वीडियो वायरल करने की धमकी छात्राओं को दी जाती है। उक्त घटना से भयभीत होकर कुछ छात्राओं ने ब्लैकमेलर के अकाउंट में कुछ रुपये भेज भी दिये हैं।
कौन है कथित एएसआई गोस्वामी-एक छात्रा के मुताबिक कई बार कॉल मेंं बताया गया कि वह गोरखपुर थाने से बोल रहा हैं और खुद को एएसआई विक्रम गोस्वामी बताया। कुछ छात्राओं ने डरकर पैसे भी भेज दिए हैं ,उसकी स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध हैं।
तो गिरोह के काले चेहरे होंगे बेनकाब-ब्लैकमेलिंग कांड में गिरोह के होने की आश्ंाका जाहिर की जा रही है। अगर पुलिस मामले की गंभीरता से जांच पड़ताल करती है तो गिरोह के कई काले चेहरे बेनकाब हो सकते है। आशंका तो यह भी जाहिर की जा रही कि कॉलेज से जुड़े कुछ लोग भी इसमें शामिल हो सकते है फिलहाल पुलिस की विस्तृत जांच जारी है जिसके बाद बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
प्रबंधन ने नहीं लिया एक्शन-महाविद्यालय पर आरोप है कई छात्राओं ने इसकी शिकायत जुलाई माह में प्राचार्य से की थी परंतु कोई एक्शन नहीं लिया गया। प्रबंधन द्वारा इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया गया जिस कारण से इस घटना का अधिकतम छात्राऐ शिकार होती चली गई। इस घटना के बाद छात्राओं में डर का माहौल है।







