एसडीएम ने जारी किए कड़े निर्देश: जर्जर स्कूलों पर प्रतिबंध, आवारा पशुओं पर लगेगी लगाम

जबलपुर, सिहोरा अनुविभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) पुष्पेन्द्र अहके ने आज एक महत्वपूर्ण अनुविभाग स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक और कड़े निर्देश दिए, जो सीधे तौर पर जन सुरक्षा और विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े हैं।
आपसी समन्वय और सुरक्षा पर जोर
एसडीएम अहके ने विकासखण्ड स्तर के सभी अधिकारियों को संबोधित करते हुए आपसी समन्वय और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभागीय कार्यों को टीम भावना और निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा किया जाए।
शिक्षा के क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, एसडीएम ने सभी अधिकारियों से जर्जर शाला भवनों को तत्काल चिन्हित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे असुरक्षित भवनों में किसी भी कीमत पर कक्षाएं नहीं लगाई जानी चाहिए। छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए, कक्षाओं को सुरक्षित और वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। यह कदम संभावित दुर्घटनाओं को टालने और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की समस्या का समाधान
बैठक में नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या पर भी चर्चा हुई। इस समस्या से निपटने के लिए, एसडीएम ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सिहोरा को उचित और त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इन निर्देशों में शामिल हैं:
- रेडियम कॉलर पहनाना: सड़क पर घूमने वाले पशुओं को रात में आसानी से दिखाई देने वाले रेडियम कॉलर पहनाने की व्यवस्था की जाए।
- गौशाला/कांजी हाउस में रखवाना: आवारा पशुओं को पकड़कर नजदीकी गौशालाओं या कांजी हाउस में सुरक्षित रखवाया जाए।
- पशु मालिकों को सचेत करना: ग्रामों में मुनादी (घोषणा) कर पशु मालिकों को सचेत किया जाए कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर खुला न छोड़ें और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी लें। इन कदमों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
उपार्जन केंद्रों पर किसानों को सुविधा
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, एसडीएम अहके ने संबंधित अधिकारियों से मूंग और उड़द उपार्जन स्थलों पर वैकल्पिक शेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित करेगा कि फसल उपार्जन के दौरान किसानों को मौसम की मार (जैसे धूप या बारिश) से सुरक्षा मिल सके और उपार्जन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रहे।
अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा
बैठक में उपर्युक्त निर्देशों के अलावा, कई अन्य महत्वपूर्ण जनहितैषी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इनमें स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली आपूर्ति की स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति का नियमित निरीक्षण, सड़क सुरक्षा के उपाय, और किसानों के लिए खाद वितरण की व्यवस्था जैसे विषय शामिल थे। इन सभी मुद्दों पर आवश्यक निर्देश जारी किए गए, जिनका उद्देश्य सिहोरा अनुविभाग में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता व दक्षता लाना है।






