अतिक्रमण के कारण गायब हो गई सडक़

अतिक्रमण के कारण गायब हो गई सडक़
– गोविंदपुरा एमपीईबी ऑफिस के पास 60 फीट का रोड 40 फीट रह गया
भोपाल यशभारत। राजधानी भोपाल के भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में एमपीईबी ऑफिस के पास सडक़ पर अतिक्रमण ने स्थानीय लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। 60 फीट चौड़ी मुख्य सडक़ अब अवैध दुकानों, ठेलों और अतिक्रमण के कारण लगभग 40 फीट तक सिकुड़ गई है। इस वजह से रोजाना यातायात जाम लग जाता है और लोगों को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सडक़ पर कई वर्षों से अतिक्रमण हो रहा है और यह धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। दुकानों और ठेलों की पंक्तियों के कारण न केवल वाहन चालकों, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता सिकुड़ गया है। सुबह और शाम के समय तोड़-फोड़ जैसे जाम लगने से लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते।
नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद निगम या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके कारण अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। रहवासियों का कहना है कि हम कई बार निगम कार्यालय गए और फोन भी किए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सडक़ पर चलना हुआ मुश्किल, व्यावसाय भी प्रभावित
सडक़ पर अतिक्रमण के कारण एमपीईबी ऑफिस के आसपास का क्षेत्र भी अव्यवस्थित दिखाई देता है। आवागमन के समय वाहनों को बार-बार साइड करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग भी इसी अतिक्रमित सडक़ से गुजरते हैं और उनकी सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि वे अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए सडक़ पर सामान रख देते हैं, जिससे सडक़ और भी संकरी हो गई है। हालांकि यह उनका असली उद्देश्य नहीं है, लेकिन प्रशासनिक ढील और निगरानी की कमी के कारण अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।
नियमित चैकिंग का दावा कर रहे अधिकारी
पुलिस और निगम अधिकारियों का दावा है कि इलाके में नियमित चेकिंग की जा रही है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी दिए जाते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से कार्रवाई नहीं हो पा रही। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और अतिक्रमण हटाकर सडक़ को मूल चौड़ाई में बहाल करना चाहिए।
ट्रैफिक की समस्या बढ़ा रहा अतिक्रमण
इस तरह के अतिक्रमण न केवल ट्रैफिक जाम बढ़ाते हैं, बल्कि सडक़ दुर्घटनाओं के जोखिम को भी बढ़ाते हैं। बड़े वाहनों और एंबुलेंस को भी समय पर रास्ता नहीं मिल पाता, जिससे आपात स्थिति में खतरनाक हालात पैदा होते हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि एमपी बी ऑफिस के पास सडक़ पर अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि सडक़ की पूरी चौड़ाई फिर से जनता के उपयोग के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो सके।







