क्षय उन्मूलन एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा , 100 दिवसीय निक्षय अभियान की प्रगति पर विशेष फोकस, वनरेबल पॉपुलेशन की अनिवार्य टीबी स्क्रीनिंग के निर्देश

क्षय उन्मूलन एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा
100 दिवसीय निक्षय अभियान की प्रगति पर विशेष फोकस, वनरेबल पॉपुलेशन की अनिवार्य टीबी स्क्रीनिंग के निर्देश
भोपाल यश भारत । जिले को टीबी मुक्त बनाने और एड्स नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से शनिवार को जिला क्षय रोग केंद्र भोपाल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 100 दिवसीय निक्षय अभियान की प्रगति, लक्ष्य प्राप्ति तथा मैदानी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं संबंधित कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों ने जिले में चल रहे क्षय उन्मूलन अभियान की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान टीबी जागरूकता गतिविधियों संभावित मरीजों की पहचान स्पूटम कलेक्शन टीबी परीक्षण, उपचार सहायता और मरीजों के पंजीयन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संस्थाओं में आने वाले वनरेबल पॉपुलेशन की प्रीसम्पटिव टीबी के लिए अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग की जाए ताकि शुरुआती स्तर पर ही संभावित मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके। बैठक में निक्षय पोर्टल पर प्रिजम्प्टिव आईडी तैयार करने प्रत्येक हितग्राही की प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा समय पर निक्षय आईडी जनरेट करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मैदानी अमले द्वारा प्रत्येक संभावित टीबी मरीज का डेटा समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाए जिससे मरीजों की निगरानी एवं उपचार प्रक्रिया प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। डॉ. शर्मा ने कहा कि 100 दिवसीय निक्षय अभियान के तहत तय लक्ष्यों की साप्ताहिक आधार पर समीक्षा की जाएगी। जिन क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं होगी वहां विशेष रणनीति बनाकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने डॉट्स केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता, उपचार सहायता एवं मरीजों की नियमित फॉलोअप व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश भी दिए।बैठक में एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा हाई रिस्क समूहों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम स्क्रीनिंग अभियान और उपचार सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि समयबद्ध तरीके से जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।







