भोपाल में तीन इलाकों में छापेमारी, भारी मात्रा में अवैध सिलेंडर जब्त

भोपाल में तीन इलाकों में छापेमारी, भारी मात्रा में अवैध सिलेंडर जब्त
भोपाल, यशभारत। राजधानी में रसोई गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर कोलार, जंबूरी मैदान और लालघाटी क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाइयों में सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए हैं। प्रशासन की इस सख्ती से गैस माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
1. कोलार: पिकअप में मिले 25 अवैध सिलेंडर
कोलार पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर एक बोलेरो पिकअप वाहन को पकड़ा है। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 25 गैस सिलेंडर लदे पाए गए। जब चालक से सिलेंडरों के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका। पुलिस ने वाहन और सिलेंडर जब्त कर मामला खाद्य विभाग और एसडीएम को सौंप दिया है। आरोपियों से पूछताछ कर मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा रहा है।
2. विनीत गैस एजेंसी: स्टॉक रजिस्टर में भारी अंतर
एसडीएम (एमपी नगर) एल. के. खरे और फूड इंस्पेक्टर प्रवीण ने जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी के गोदाम पर आकस्मिक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर और मौके पर मौजूद सिलेंडरों की संख्या में भारी अनियमितता पाई गई। जिसमें गोदाम से 51 बड़े कमर्शियल, 147 छोटे (5 किलो) कमर्शियल और 18 प्लास्टिक सिलेंडर मिले। इसके अलावा 535 भरे हुए और 823 खाली घरेलू सिलेंडर भी पाए गए।
एसडीएम ने स्टॉक मिलान न होने पर कड़ी नाराजगी जताई और खाद्य विभाग को एजेंसी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई के निर्देश देते हुए मौके पर पंचनामा तैयार करवाया।
3. लालघाटी और बैरागढ़: ममता गैस एजेंसी पर छापा
प्रशासन की तीसरी बड़ी कार्रवाई गुफा मंदिर, लालघाटी और बैरागढ़ क्षेत्र में हुई। यहाँ तहसीलदार हर्ष कुमार और खाद्य विभाग की टीम ने ममता गैस एजेंसी के ठिकानों पर छापेमारी की। टीम ने यहाँ अवैध रूप से भंडारित किए गए कमर्शियल सिलेंडरों की बड़ी खेप पकड़ी है। एजेंसी पर अवैध भंडारण और नियमों के विरुद्ध वितरण के गंभीर आरोप हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
किसी भी हाल में नहीं बख्शे जाएंगे दोषी
एसडीएम खरे ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और कालाबाजारी से न केवल राजस्व की हानि होती है, बल्कि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक है। प्रशासन का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।







